प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में मील के पत्थर साबित होंगे सभी एक्सप्रेस वे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में मील के पत्थर साबित होंगे सभी एक्सप्रेस वे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए पीएनबी बैंक ने सीएम योगी को 750 करोड़ रुपये के लोन का चेक सौंपा

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारे के विकास की कार्यवाही को भी बढ़ाया जा रहा है आगे

गोरखपुर व वाराणसी के विकास का बैकबोन बन सकता है पूर्वांचल एक्सप्रेस वे

13 जून, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, गंगा एक्सप्रेस वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे ये सभी प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर में मील के पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रदेश को जिस आर्थिक विकास की तमन्ना थी, उसे आगे बढ़ाने में यह एक्सप्रेस वे मददगार साबित होंगे। विगत तीन वर्षों में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण को बनाने के लिए शासन, प्रशासन की टीम ने बेहतर कार्य किया है और इसके लिए काफी प्रभावशाली कदम भी उठाए गए हैं।

शनिवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिए पीएनबी बैंक ने सीएम योगी को 750 करोड़ रुपये के लोन का चेक सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज दुनिया में निवेश को लेकर नई प्रतिस्पर्धा शुरु हुई है। इस नई प्रतिस्पर्धा में कनेक्टविटी औऱ सिक्योरिटी का अपना एक महत्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएनबी (पंजाब नेशनल बैंक) ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में लीड बैंक के रूप में मजबूती के साथ अपनी सहभागिता निभाने का कार्य किया है। आज गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के साथ भी वह जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर में आपार संभावनाएं हैं। करीब 5 करोड़ की आबादी के स्वास्थ्य शिक्षा, व्यापार और रोजगार का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र गोरखपुर है। इतनी बड़ी आबादी के जीवन में खुशहाली लाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता है। अभी लखनऊ-गोरखपुर NH-28 ही एक मात्र जरिया था। वैकल्पिक मार्ग एक्सप्रेस-वे को लेकर जब सर्वे हुआ तो अच्छे परिणाम सामने आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारे के विकास की कार्यवाही को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस संबंध में भूमि अधिग्रहण व अन्य आवश्यक कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया है। गोरखपुर में अगले वर्ष के प्रारंभ में एम्स व 30 वर्ष पहले बंद हो चुका फर्टिलाइजर कारखाना कार्य करता हुआ दिखाई देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल के दो महत्वपूर्ण शहर वाराणसी और गोरखपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ते हुए दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल जो विकास की दौड़ में बहुत पीछे था। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे वहां के विकास का बैकबोन बन सकता है। इसमे किसी भी प्रकार का संदेह किसी भी नागरिक को नहीं है।

कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, अपर मुख्य सचिव गृह एवं यूपीडा के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार समेत पीएनबी व विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।