भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा की राष्ट्रीय कमिटी गठित।

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*भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा की राष्ट्रीय कमिटी गठित, 6 राष्ट्रीय महासचिव व 6 राष्ट्रीय सचिव सहित 109 कार्यकारिणी सदस्य बने*

 

भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुप्रीम कोर्टबके अधिवक्ता इंजीनियर चंद्रकांत ने नई राष्ट्रीय कमेटी की घोषणा कर दी है। चंद्रकांत ने जानकारी देते हुए बताया कि बताया कि भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा अपने अभियान में विगत 11 वर्षों से लगा हुआ है। आज हमारे कई सदस्य 10 राज्यों में जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करने जा काम कर रहे हैं । उन्होंने बताया कि नयी राष्ट्रीय कमेटी में इस बार कई पुराने और नए चेहरे शामिल किए गए है। नयी राष्ट्रीय कमेटी में निम्न पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय संरक्षक संदीप कुमार दुबे, राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर चंद्रकांत, राष्ट्रीय महासचिव क्रमशः निखिल त्यागी, संजय पांडेय, कर्नल अमनदीप त्यागी, मोहम्मद डियर खान, ललित चाहर एवं डॉ शुचिता वत्सल के नाम शामिल है। राष्ट्रीय सचिव पद पर क्रमशः रंजीत दुबे, इंजीनियर विनय मेहता, मंजू वर्मा, रामानंद, हिमांजलि गौतम एवं हंसराज डोगरा के नाम शामिल हैं। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार बनाए गए हैं। इसी प्रकार राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में सचिंद्र कुमार पांडेय, संतोष पासवान, सतेंद्र तिवारी, नितिन पांडेय, एनपी सिंह, सुनील सोनवाने, मनोज पंडित, उमेश बाबू चौरसिया, स्वेतिमा द्विवेदी, रविशंकर सिंह बागी, मनप्रीत सिंह, हेमल कामत, लोकेश पटेल, राकेश शुक्ला, इकबाल चौधरी, सुनील कुमार पांडेय, कमल सपोलिया, दीपाली शर्मा, जे सी त्रिपाठी, अजीत कुमार, विनोद कुमार सहित कई राज्यों को लोगों को शामिल किया गया है। अधिकांश अधिवक्ता हैं जो सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट व सिविल कोर्ट में कार्यरत हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ई चंद्रकांत ने बताया कि भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा राष्ट्र के हित मैं सदैव कार्य करता आ रहा है। हमारा एक ही मकसद है कि लोगों में मानसिक परिवर्तन लाना। लोगों में मानसिक परिवर्तन लाकर एक स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकता है। हमारे पदाधिकारी एवं व सदस्य विभिन्न क्षेत्रों में जा कर जन जागरण अभियान चलाए हुए हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना हमारा मुख्य मकसद है। चल रही योजनाओं के बारे में सर्वप्रथम पहले हम अपने सभी पदाधिकारी व सदस्यों को विशेष रूप से प्रशिक्षण लेकर उन्हें तैयार करते हैं। उसके बाद भी क्षेत्र में जाकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान के माध्यम से उन्हें जानकारी देते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लोगों को जागरूक करना बहुत ही जरूरी है। इसके लिए सभी को कमर कस कर मैदान पर उतरना चाहिए। वेब मीटिंग व बेबी संगोष्ठी के माध्यम से यह कार्य संचालित किया जा रहा है। आज सभी के पास व्हाट्सएप है और अब एक संगोष्ठी में एक सौ से ऊपर लोग जुड़ कर बातों को सुनते हैं वह अपनी बातों को शेयर कर रहे हैं जो एक सबसे बड़ी बात है।

 

 

मानवाधिकार मीडिया से शुभम शुक्ला की रिपोर्ट ।