भ्रष्टाचार से घिरे स्पेन के पूर्व राजा जुआन कार्लोस ने खुद ही देश छोड़ा-स्पेन

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भ्रष्टाचार से घिरे स्पेन के पूर्व राजा जुआन कार्लोस ने खुद ही देश छोड़ा

स्पेन के पूर्व राजा जुआन कार्लोस देश छोड़कर किसी अनजान जगह चले गए हैं. इससे कुछ हफ़्ते पहले ही कथित तौर पर उनका नाम भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में सामने आया था.
82 वर्षींय जुआन कार्लोस ने सोमवार को अपने इस क़दम की जानकारी दी. लेकिन उन्होंने इसकी कोई घोषणा नहीं की बल्कि उन्होंने अपने बेटे के नाम एक ख़त रखा था. जुआन छह साल पहले ही अपने बेटे फेलिप को सत्ता सौंप चुके हैं.
उन्होंने कहा कि अगर आने वाले समय में अधिवक्ताओं को उनसे बात करने की ज़रूरत पड़ेगी तो वे बिल्कुल उपलब्ध होंगे.
जून महीने में स्पेन की सुप्रीम कोर्ट ने सऊदी अरब में एक हाई-सपीड रेल अनुबंध में जुआन की संलिप्तता की जाँच शुरू की थी.
स्पेन के ईआई पाइस न्यूज़ पेपर के मुताबिक़, पूर्व राजा जुआन का ख़त जब तक सामने आया वो उससे पहले ही जा चुके थे. अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि वो कहां हैं. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक़, वे डोमिनिक रिपब्लिक में हैं.
इस तरह का क़दम उठाना पूर्व राजा के लिए शर्मनाक है, जो राजा एक समय इतिहास में इसलिए याद किया जाने वाला था कि उसने 1975 में जनरल फ्रैंको की मृत्यु के बाद तानाशाही के दौर से लोकतंत्र के लिए स्पेन का मार्गदर्शन किया.
अपने शासनकाल के दौरान लंबे समय तक जुआन कार्लोस की गिनती दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजा में होती थी.
लेकिन हाल के सालों में स्पेनवासियों के एक वर्ग का भरोसा उन पर से उठ गया था.
साल 2014 में उनकी बेटी और दामाद पर लंबे समय से चलने वाली भ्रष्टाचार संबंधी जाँच से राजा की लोकप्रियता कम हुई थी.
लोगों की नाराज़गी तब और बढ़ गई थी जब ये बात सामने आई कि देश के वित्तीय संकट के समय वो बोत्सवाना में हाथी के शिकार पर गए हुए थे.
इस कारण उन्होंने साल 2014 में ही अपने बेटे फ़ेलिप के लिए राजगद्दी छोड़ दी थी.

★ क्या लिखा है उस ख़त में?

इस ख़त में पूर्व राजा ने लिखा है कि वो इसलिए ये फ़ैसला ले रहैं हैं क्योंकि, ”मेरे निजी जीवन की कुछ पिछली घटनाओं की जनता में हो रही प्रतिक्रिया के मद्देनज़र” और इस उम्मीद के साथ कि वो अपने बेटे को शांति के साथ राजा की हैसियत से काम करने का मौक़ा देंगे.
उन्होंने आगे लिखा है, “स्पेन की जनता, उसकी संस्थाओं और एक राजा की हैसियत से आपकी सबसे बेहतर तरीक़े से सेवा करने की दृढ़ निश्चय के साथ मैं आपको इस समय स्पेन छोड़ने की सूचना दे रहा हूं. मैं बहुत भावुक लेकिन बहुत ही शांत और स्थिर होकर ये फ़ैसला कर रहा हूं.”
शाही महल से जारी बयान में कहा गया है कि किंग फ़ेलिप चतुर्थ ने इस फ़ैसले के लिए अपने पिता के प्रति दिल से सम्मान और आभार व्यक्त किया है.

★ क्या है भ्रष्टाचार का मामला

स्पेन की सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस जाँच का मक़सद जून 2014 में जुआन कार्लोस के सऊदी की परियोजना के साथ संबंधों की जाँच है.
स्पेनिश फ़र्म को मक्का-मदीना में रेल लिंक बनाने का ठेका मिला था जो कि क़रीब छह अरब पाउंड का था.
इस मामले में स्विस बैंक की भूमिका की भी जाँच हो रही है.
स्पेन के भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारियों का संदेह है कि पूर्व राजा ने स्विट्ज़रलैंड में अघोषित संपत्ति रखी है.
स्पेन की सरकार ने कहा है कि न्याय सभी के लिए बराबर है और वो जाँच में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी.