उत्तर प्रदेश में कोरोना और कानून व्यवस्था के संकट से लोग बुरी तरह पीड़ित और आतंकित है सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना और कानून व्यवस्था के संकट से लोग बुरी तरह पीड़ित और आतंकित है। प्रदेश में दो मंत्रियों की कोरोना से दुःखद मौत हो चुकी है। विधायक भी इसके शिकार हैं। डाॅक्टर, सीएमओ का निधन भी इस बीमारी में हो चुका है। भाजपा सरकार में अपराधिक घटनाएं भी थम नहीं रही है। पुलिस बेगुनाहों, लाचार लोगों पर हाथ उठाने लगी है क्योंकि बाहुबली नेताओं और गुण्डों के आगे वह असहाय बन जाती है। अपराध और शासन के गठजोड़ ने पूरे प्रदेश को बदनाम कर दिया है।
कोरोना का कहर जारी है। राजधानी लखनऊ में शनिवार, रविवार को 1485 लोगों को संक्रमण हुआ और 25 मरीजों ने दम तोड़ दिया। उत्तर प्रदेश में रविवार तक कोरोना मरीजों की संख्या 1 लाख 54 हजार 515 हो गई। कल तक कुल 2449 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। इस महामारी से लोगों के दिलों में डर पैदा हो चला है। बाजार में कामकाज अभी भी गति नहीं पकड़ सका है। अस्पतालों में बेड और दवाओं की मारामारी है। फिर भी सरकार का बड़बोलापन जारी है।
अन्नदाता किसान पर पुलिस के जुल्म की ललितपुर में इंतिहा हो गई जब एक बुजुर्ग की पुलिस ने बर्बरतापूर्ण पिटाई की और उसके कान के पर्दे फट गए। यह पुलिस की शून्य संवेदनशीलता की परिचायक है। मुख्यमंत्री जी के वी.वी.आई.पी. जिले गोरखपुर में वकील राजेश्वर पाण्डेय की हत्या कर दी गई। जगदीशपुर (अमेठी) में एक नाबालिग लड़की से दुराचार किया गया।
गाजियाबाद में पेट्रोल पम्प के कर्मचारी पर बदमांशों ने गोली चलाई। बरेली कोविड सेन्टर में रेप करने वाला पुलिस की पकड़ से बाहर, हमीरपुर में विवाहिता ने फांसी लगा ली। मैनपुरी की गौशाला में एक दर्जन गायों की मौत हो गई। आगरा सहित दर्जनों गांवों में मारपीट और झगड़े में लोगों को गम्भीर चोट लगना प्रतिदिन की घटनाएं हैं। गोण्डा के बल्लीपुर गांव में किशोरी के भाई की मौत छेड़छाड़ का विरोध करने पर हुई। बाराबंकी में युवती का शव सूटकेस में रखकर अपराधी ने फेंक दिया।
स्थितियां दिन प्रतिदिन गम्भीर होती जा रही हैं। सरकार का घटनाओं पर मूकदर्शक बने रहना खतरनाक है। कोरोना संक्रमण थम नहीं रहा है। स्वयं स्वास्थ्यकर्मी भी उसकी चपेट में आ रहे हैं। जांच रिपोर्टों को लेकर अक्सर विवाद होते हैं। कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के इलाज की अभी तक कोई सुचारू व्यवस्था नहीं बन पाई है।
प्रदेश में जो हालात है उसमें मुख्यमंत्री जी तो सिर्फ बयान देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। उनकी टीम-इलेवन का भी अब अतापता नहीं रहता है। कोरोना और अपराध दोनों को रोकने में भाजपा सरकार अक्षम है। इस सत्य को सरकार को स्वीकार करना चाहिए।