पिपरी निवासियों को जल्द मिलेगी अपने मकानों पर मालिकाना हक दिग्विजय सिंह

उत्तर प्रदेश सोनभद्र

पिपरी निवासियों को जल्द मिलेगी अपने मकानों पर मालिकाना हक

विभागों के मध्य भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण होगा जल्द नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा जल्द पूर्ण होगा अपना चुनावी वादा

रेणुकूट सोनभद्र
शिवानी/आदित्य सोनी
बुधवार को अपराहन नगर पंचायत पिपरी के सभागार में दर्जनों पत्रकारों से पत्रकार वार्ता कर पिपरी नगर पंचायत अध्यक्ष ने नगर वासियों हेतु एक अच्छी खबर दी की जल्द ही पिपरी निवासी अपने मकानों के कानूनी रूप से मालिकाना हक प्राप्त कर सकेंगे उन्होंने बताया कि नगर पंचायत पिपरी में निवास कर रहे हैं नागरिकों की सबसे जटिल समस्या भूमि की समस्या दशकों से रही है निकाय क्षेत्र में स्थित विभिन्न विभागों द्वारा अपनी भूमि बताकर नागरिकों का शोषण किया जाता रहा है विभागों के डर से यहां के नागरिक एक पीढ़ी बीतने के बाद भी अपने कब्जे की जमीन पर नवनिर्माण क्या मकानों की मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं नाही माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार द्वारा नगरी क्षेत्रों में संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ यहां के गरीब नागरिक को मिल पा रहा है उक्त समस्याओं के निस्तारण हेतु निरंतर प्रयास नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा किया गया कई बार नगर निकाय , राजस्व विभाग उत्तर प्रदेश , जल विद्युत निगम एवं वन विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर समस्या का निस्तारण हेतु निवेदन किया गया परंतु समस्या का निस्तारण नहीं हो पाया बाध्य होकर माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश को व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर माह सितंबर 2019 को में निकाय की समस्याओं से अवगत कराते हुए निस्तारण करने हेतु प्रार्थना पत्र दिया था माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा समस्या निस्तारण हेतु आश्वासन देते हुए जिलाधिकारी सोनभद्र को समस्या निस्तारण हेतु विभागों के मध्य बैठक कर सतसंगत प्रस्ताव उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया था लगभग 1 वर्ष के अंदर जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में उक्त समस्या के निस्तारण हेतु विभागों के मध्य कई दौर के बैठक संपन्न हुई तदोपरांत जिलाधिकारी महोदय द्वारा निकाय क्षेत्र के अंतर्गत भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण हेतु निम्नानुसार प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराया गया है प्रथम यह की सन 1949 रिहंद बांध एवं जल विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु हस्तांतरित 3285 एकड़ भूमि हस्तांतरण के पूर्व राज्य की राजस्व विभाग के नियंत्रण की भूमि रही उक्त भूमि में से जो भूमि परियोजना निर्माण के उपरांत शेष बच गई है उसमें नगर पंचायत पिपरी की आबादी में सम्मिलित है अस्तु नोटिफाइड एरिया पिपरी के अधिसूचित क्षेत्र से वन विभाग का दावा जो वन विभाग द्वारा दवा किया जा रहा है उसका कोई औचित्य नहीं पाया जाता है इसलिए वन विभाग को अपना दावा छोड़ने हेतु निर्देशित किया जाए द्वितीय यह की उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम एवं रिहंद बांध से जुड़ी हुई वीआईपी कॉलोनी भवन आदि को छोड़कर शेष भूमि जो नगर पंचायत पिपरी के अधिसूचित क्षेत्र में आती है उसका हस्तांतरण नगर पंचायत पिपरी के पक्ष में कर दिया जाए तृतीय यह की नगर पंचायत पिपरी के अनुसूचित क्षेत्र का सर्वेक्षण एवं हस्तांतरित भूमि का सीमांकन कराया जाए चतुर्थ नगर पंचायत पिपरी अपनी सीमा के अंतर्गत निर्मित भवनों भूमियों से संबंधित विवाद के कारण भारी मात्रा में निकाय की राजस्व क्षति हो रही है अतः सर्वेक्षण कराने के उपरांत जो लोग सरकारी भूमि पर अवैध रूप से घर आदि बनाकर काफी समय पूर्व से आवासीय हैं उनके विनियमितीकरण हेतु नीति निर्धारित कराई जाए इस पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस जनहित कार्य में बाधा भी डाल रहे हैं परंतु मैं नगर पंचायत अध्यक्ष के पद पर स्थापित होने के के उपरांत इस कार्य में जी जान से लगा हूं और जल्द ही हमें सफलता मिलेगी और हमारे नगर के लोग अपने मकानो के मालिक कहलाने लायक हो।