3 ऑस्ट्रेलियाई बच्चों के शरीर में बिना संक्रमण हुए ही मिली सूरज,

3 ऑस्ट्रेलियाई बच्चों के शरीर में बिना संक्रमण हुए ही मिली सूरज

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ऑस्ट्रेलिया में विभाजित से जुड़ा अजीब मामला सामने आया

ऑस्ट्रेलिया में विभाजित से जुड़ा अजीब मामला सामने आया

कोरोनावायरस: ऑस्ट्रेलिया में एक ही परिवार में तीन ऐसे बच्चे मिले हैं जो कि कभी कोरोना पॉजिटिव नहीं पाए गए लेकिन टेस्ट में उनके शरीर में लिंगज पाए गए

मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया (ऑस्ट्रेलिया) में एक ही परिवार के तीन ऐसे बच्चे सामने आए है जो कभी कोरोनाटेक्ट (कोरोनावायरस) नहीं हुए लेकिन टेस्ट के दौरान उनके शरीर में शिशुज पायी गयी हैं। हालांकि ये तीनों के माता-पिता कोरोना पॉजिटिव हुए थे लेकिन ये कई बार हुए टेस्ट के दौरान हमेशा ही उल्लेखनीय पहचान पाए गए थे। अब वैज्ञानिक एक बार फिर इस गुत्थी को सुलझाने में जुटे हैं कि आखिर बिना किसी संदिग्ध के किसी इंसान के शरीर में वायरस से लड़ने वाली कलाज कैसे विकसित हो सकती हैं।

साइंस जर्नल नेचर कमुनिकेशन में छपी एक स्टडी के मुताबिक अब तक तीन ऐसे बच्चे मिल चुके हैं जो कभी पॉजिटिव नहीं थे, लेकिन टेस्ट में उनके शरीर में सूरज पायी गयी हैं। लाइला स्वेंको और टोनी के तीन बच्चे हैं जिनकी उम्र 6, 7 और 9 साल है। ये कपल बीते मार्च में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद को लाभांश पॉजिटिव हो गया था। लाइला ने बताया कि सब ठीक था और हमें अचानक महसूस हुआ कि शायद हम कोरोना की चपेट में आ गए हैं। हमने टेस्ट कराया और हमर्ट निकले थे। हालांकि हम दोनों को ही अपने से ज्यादा अपने तीनों बच्चों की ज्यादा चिंता थी।

माता-पिता के साथ थे फिर भी नहीं हुआ कोविड
लाइला के मुताबिक उन्होंने बच्चों के साथ शादी समारोह में करीब डेढ़ हफ्ता बिताया था और इस दौरान सभी साथ ही थे। हालांकि तीनों बच्चों का टेस्ट नेगेटिव आया था और उनमें कोई लक्षण भी नहीं थे। इन बच्चों में से दो में जुकाम के लक्षण नज़र आए लेकिन एक बेटी स्वस्थ ही रही। तीनों के कई बार टेस्ट हुए और ये सभी में ये नेगिटिव ही थे। इलाज के बाद लगभग एक महीने में लाइला और टॉम भी नेगेटिव हो गए थे।

हालांकि आखिरी टेस्ट के दौरान डॉ। ये देखकर हैरान रह गए कि बच्चों के पीसीआर कोरोना टेस्ट रिजल्ट में उनके शरीर में भ्रूणज मौजूद हैं। डॉक्टर्स ने एक बार फिर जांच की तो नतीजा वही रहा और बिना नाकाम हुए और टेस्ट में पॉजिटिव निकले ही बच्चों के शरीर में कोरोना के खिलाफ केमिकॉयडीज विकसित हो गयीं थीं। डॉक्टर्स इस पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं लेकिन ये कैसे हुआ इसकी अभी तक कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है।