March 8, 2021

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क्या कोरोना टीके का कोई साइड इफेक्ट भी है? वैक्सीन लगाने वाले लोगों की जुबानी, टीकाकरण की पूरी कहानी

क्या कोरोना टीके का कोई साइड इफेक्ट भी है? वैक्सीन लगाने वाले लोगों की जुबानी, टीकाकरण की पूरी कहानी
शनिवार को देशभर में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हो गया। इस दौरान देश के 3 हजार से ज्यादा केंद्रों पर एक दिन में करीब 3 लाख स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स को कोरोना का टीका लगाया जाएगा। पहले चरण में कुल 3 करोड़ लोगों को टीका दिया जाएगा लेकिन मनीष कुमार ऐसे शख्स हैं जिन्हें देश में पहला कोरोना टीका दिया गया। मनीष एम्स में सफाई कर्मी हैं और उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन की मौजूदगी में टीका दिया गया।

टीका लगवाने के बाद मनीष ने बताया, ‘मेरा अनुभव बहुत ही अच्छा रहा है, वैक्सीन लगने से मुझे कोई झिझक नहीं होगी और मैं अपने देश की और सेवा करता रहूंगा। लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मेरे मन में जो डर था वो भी निकल गया। सबको वैक्सीन लगवानी चाहिए।’

बिहार: सीएम नीतीश की मौजूदगी में सफाईकर्मी रामबाबू को लगा पहला टीका
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में कोरोना के टीकाकरण का शुभारंभ हुआ। आईजीआईएमएस में शनिवार को 11 बजे संस्थान के सफाई कर्मी रामबाबू को पहला टीका दिया गया। इसके बाद टीकाकरण प्रारंभ कर दिया गया है। टीका लगवाने के बाद रामबाबू ने कहा कि कोरोना वैक्सीन के लेकर फैलाए जा रहे भ्रम एवं डर को लेकर कहा कि इससे डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि डर के आगे ही जीत होती है।

अदार पूनावाला ने ट्वीट किया वीडियो

देश में कोरोना टीकाकरण अभियान के पहले दिन टीका लेने वालों में सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला भी शामिल हुए। भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनका की वैक्सीन को SII ने ही बनाया है। जिन दो टीकों को आपात स्थिति में इस्तेमाल की मजूरी मिली है उनमें SII की कोविशील्ड भी शामिल है। टीकाकरण का वीडियो शेयर करते हुए पूनावाला ने इसे गर्व की बात बताया।

छत्तीसगढ़ में सफाई कर्मी तुलसी तांडी को पहला वैक्सीन
छत्तीसगढ़ में सफाई कर्मचारी तुलसा तंडी को कोरोना का पहला टीका लगाया गया। डॉक्टर बीआर आंबेडकर अस्पताल में सफाई कर्मी तुलसा ने बताया कि वह और उनका परिवार बहुत खुश हैं कि उन्हें पहले टीके के लिए चुना गया। उन्होंने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया।

त्रिपुरा में मेडिकल ऑफिसर को लगा पहला टीका
त्रिपुरा में 30 साल की मेडिकल ऑफिसर मृदुला दास को राज्य का पहला कोरोना टीका लगा। उन्होंने बताया कि वह पहले थोड़ा नर्वस थीं लेकिन अब उन्हें अच्छा महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि अब 28 दिन बाद वह वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जाएगी। वैक्सीन लेने के आधे घंटे बाद उन्होंने कहा कि लोग वैक्सीन पर भरोसा कर सकते हैं।

गुजरात में डॉक्टर मोदी को सबसे पहला टीका
गुजरात के अहमदाबाद और गांधीनगर में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक शनिवार को गुजरात में कोरोना वायरस का टीका सबसे पहले लगवाने वाले लोगों में शामिल हुए। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जे वी मोदी और गांधीनगर सिविल अस्पताल की अधीक्षक डॉ. नियति लखानी को सबसे पहले टीका लगाया गया। टीका लगवाने से पहले डॉ. मोदी ने कहा था कि वह उदाहरण पेश करने आगे आए हैं। गुजरात में पहले दिन 16000 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में इन्हें लगा पहला टीका
कश्मीर के शेरी कश्मीर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के डायरेक्टर ए.जी अहंगर और इंस्टिट्यूट के केटरिंग सुपरवाइजर बशीर अहमद को घाटी में सबसे पहले टीका लगाया गया। अस्पताल में काम करने वाले बशीर अहमद ने टीका लगवाने के बाद बताया कि उन्हें किसी तरह की एलर्जी या कुछ भी लक्षण नहीं दिखे हैं और वह खुश हैं कि उन्हें टीकाकरण के लिए चुना गया।

ओडिशा में सफाई कर्मी बिरंची नाइक को पहला टीका
ओडिशा में 51 वर्षीय सफाई कर्मी बिरंची नाइक को कोरोना का पहला टीका लगा। राज्य में आज 16 हजार 100 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका दिया जाना है।

महाराष्ट्र में किन्हें मिला पहला टीका
महाराष्ट्र में कोविड केयर सेंटर में काम करने वाली डॉक्टर मधुरा पाटिल को बीकेसी अस्पताल में कोरोना का पहला टीका दिया गया। यहां से सीएम उद्धव ठाकरे ने राज्य के टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। इस बीच, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और शिवसेना के एमएलसी डॉक्टर दीपक सावंत को भी मुंबई के कूपर अस्पताल में कोरोना का पहला टीका दिया गया।

असम में 70 वर्षीय डॉक्टर को पहला टीका

असम में पूर्वोत्तर भारत के पहले और एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी श्रीमंत शंकरदेव यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (SSUHS) के रिटायर्ड वाइस चांसलर डॉक्टर उमेश चंद्र शर्मा को कोरोना का पहला टीका दिया गया। 70 वर्षीय डॉक्टर शर्मा को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कोरोना टीके की पहली खुराक दी गई।

यूपी में किन्हें पहला टीका?
मुरादाबाद जिले में 6 सेंटरों पर कोविड-19 शुरू किया गया। एशियन विवेकानंद हॉस्पिटल में सबसे पहला टीका अस्पताल के सुपरवाइजर कमल कुमार को लगा। अलीगढ़ में मोहन लाल गौतम महिला अस्पताल में पहली वैक्सीन स्वीपर बॉय आनंद को लगाई गई। आनंद ने बताया उन्हें कोई समस्या नहीं, पहले के तरह फिट हैं। सरकार को आभार जताते हुए कहा कि हम सभी ख्याल रखने के लिए धन्यवाद। जिले में पहली वैक्सीन मुझे लगी है, मैं खुद पर गर्व और भाग्यशाली समझ रहा। अमेठी में सीएमओ डा.आशुतोष पांडेय को पहला टीका लगाया गया। टीकाकरण के बाद कुछ देर तक उन्‍हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया। गोरखपुर में महिला अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक 10.50 बजे डॉ. माला सिन्हा ने टीका लगवा कर अभियान की शुरुआत कराई।

लखनऊ के केजीएमयू के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री के कनिष्ठ सहायक अमर बहादुर को पहला कोरोना टीका लगाया गया। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। सभी लोग टीका लगवाएं। वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है इसको लेकर किसी तरह का भ्रम ना पाले।