हाईकोर्ट से जारी रेड जोन के जिलो जिसमे लखनऊ भी है के खोलने सम्बन्धित व्यापक दिशा निर्देश जारी किये गये है

हाईकोर्ट से जारी रेड जोन के जिलो जिसमे लखनऊ भी है के खोलने सम्बन्धित व्यापक दिशा निर्देश जारी किये गये है
अनुवाद कर्ता द्वारा प्वाईंट वाइज अनुवाद अंग्रेजी से हिंदी मे किया गया है,विवाद की स्थिति मे मुल अंग्रेजी आदेश देखे

हेडिंग
वकील साहब बहस किजिये घर जाइए,रूकना मना है!
वादकारी घर पर रहे कचहरी मे घुसना मना है!
जिला जज को.हेल्प लाइन जारी करनी पङेगी
ई कोर्ट एप्प और वेबसाइट के सहारे चलेगी रेड जोन की कचहरी
केवल अर्जेन्ट मैटर की होगी सुनवाई

रेड जोन मे कैसे खुलेगी कचहरीःवाराणसी के सम्बन्ध मे—

1–जिला जज,सभी स्पेशल कोर्ट जैसे एस सी एस टी कोर्ट,गैगेस्टर कोर्ट,एण्टी करप्शन कोर्ट,आवश्यक वस्तु अधिनियम कोर्ट,सी जे एम,स्पेशल सी जे एम की कोर्ट खुलेगी,
2–यदि जिला जज को लगता है कि अर्जेन्ट केस की संख्या ज्यादा है तो एडिशनल जिला जज ,ए सी जे एम,सिविलजज सी नियर डीविजन और सिविल जज जुनियर डिविजन की अन्य कोर्ट भी खोल सकता है,
3–दस प्रतिशत से अधिक स्टाफ कोर्ट परिसर मे नही प्रवेश करेगा,
4–इन मामलो की होगी सुनवाई:
लम्बित जमानत प्रार्थना पत्र,लम्बित अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र,कैदियो से सम्बन्धित न्यायिक कार्य जैसे रिमांड वगैरह विडियो कान्फ्रेसिंग से किये जायेगे,किसी टेक्निकल मैटर मे अन्य विधि अपनायी जा सकती है अर्थात कैदी को जेल से अदालत बुलाया जा सकता है?सी आर पी सी के 173पुलिस रिपोर्ट के मामले,गैर जमानती वारंट,82,83यानि कुर्की के मामले लिये जायेगे यानि इस पर आदेश पारित होगे,164का बयान भी दर्ज होगा यानि पीङित पक्ष और उसके गवाहो का कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज होगा।
वे आदेश और फैसले निर्गत होगे जिनमे बहस हो चुकी है
5-किसी भी प्रार्थनापत्र या केस का निस्तारण करते समय विधिक प्राविधानो का कङाई से पालन किया जायेगा
6–जिला जज को अपनी वेब साइट पर जमानत प्रार्थना पत्र,अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र,व अन्य प्रार्थना पत्र पर सुची दर्शाना होगा और उसी के अनुरुप सुनवाई करना पङेगा।7–सुनवाई योग्य सभी प्रार्थना पत्र केसेज को सी आई एस मे दर्ज करना होगा।
8–जमानत प्रार्थना पत्र की कापी सरकारी वकील को देनी होगी ,इसके लिये मैकेनिज्म विकसित करना होगा?
9जो केसेज त्रुटिरहित पाये जायेगे वो 48घंटे बाद काज लिस्ट मे लिस्टेड किये जायेगे
10–जिला जज को एक लैन्डलाइन या मोबाइल नम्बर का हेल्प लाइन नम्बर अपने वेब साइट पर प्रदर्शित करना होगा जो अधिवक्ताओऔर वादकारियो को केस के बाबत उनकी जिज्ञासाओ का निराकरण करेगा
ई कोर्ट एप्प विकसित किया जाय ताकि जागरूकता बढे
11-केवल अर्जेन्ट मैटर ही सी आई एस मे लिस्टेड किये जायेगे बाकि मे जनरल तारिख दिया जायेगा।
12a केवल वही अधिवक्ता जिसका उस दिन मुकदमा लगा होगा वही कोर्ट कैम्पस मे प्रवेश पायेगा और उस कोर्ट मे भी वही अधिवक्ता प्रवेश करेगा जिसका अर्जेन्ट मैटर मे केस लगा होगा। कोर्ट कि स्थिति को जिला जज को वैबसाइट और मिडिया मे प्रकाशित करना होगा?
12b-वादकारी या उनके प्रतिनिधि कोर्ट को कोर्ट कैम्पस मे आने से कङाई से रोका जायेगा,अर्थात वादकारी को कचहरी नही आना है
13-वर्चुअल कोर्ट प्रत्येक जिले मे कार्यरत है
14–अर्जेन्ट मैटर के निस्तारण के लिये समय निर्धारित रहेगा
15-ओथ कमिश्नर,स्टाम्प वेन्डर ,टाइपिस्ट को कम संख्या मे आने दिया जायेगा और ये जिला जज द्वारा नियत्रित होगे।
16-बार एसोशिएशन के पदाधिकारियो से वार्ता और सहयोग से कचहरी को नियंत्रित किया जायेगा।अधिवक्ता को अपनी बहस पुरा करते ही कोर्ट कैम्पस खाली करना होगा!
17सभी सुचना और कचहरी खोलने के मैकेनिज्म को जिला जज को अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करना होगा।

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