आज से शुरू हुआ कार्तिक मास, दीपदान की परंपरा

उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार मंगलवार 27 अक्टूबर से कार्तिक मास शुरू हो गया है। इस महीने स्नान, भगवान विष्णु की आराधना, तुलसी पूजन और दीपदान की परंपरा है। सुबह स्नान-पूजा और शाम को दीपदान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह दिन खास है। नई दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पंचांग के अनुसार सुबह 7:01 बजे प्रतिपदा समाप्त होकर द्वितीया लग गई। दोपहर में नक्षत्र बदलेगा और रात को चंद्रमा मेष से वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। सुबह जल्दी पूजा करने वालों के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:47 से 5:38 बजे तक है, जबकि सूर्योदय सुबह 6:29 बजे होगा। शाम को घर में दीप जलाने के लिए गोधूलि मुहूर्त 5:40 से 6:06 बजे तक रहेगा। दोपहर से सर्वार्थ सिद्धि और त्रिपुष्कर योग भी बनेंगे, हालांकि इनकी शुरुआत राहुकाल के बीच होगी, इसलिए नया काम शुरू करने से पहले दोनों का समय देख लेना उचित होगा। कार्तिक की दैनिक पूजा के लिए केवल प्रतिपदा तिथि रहने तक का समय मानना जरूरी नहीं है, और सुबह जल्दी उठना संभव न हो तो स्नान के बाद अपनी सुविधा से नियमित पूजा की जा सकती है। अमांत पंचांग मानने वाले क्षेत्रों में अभी आश्विन मास रहेगा, वहां कार्तिक की शुरुआत अलग तारीख से होगी, क्योंकि यह महीने की गणना का अंतर है।



