उड़ान अगले चरण में अट्ठाईस हजार करोड़ प्रावधान

क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने वाली उड़ान योजना के अगले चरण के लिए अट्ठाईस हजार आठ सौ चालीस करोड़ रुपये का प्रावधान तय किया गया है। इस चरण की शुरुआत चार जुलाई दो हजार छब्बीस से हो चुकी है और इसका दायरा अब और व्यापक किया जा रहा है।
योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे शहरों और कस्बों को हवाई मार्ग से जोड़ना है, ताकि दूरदराज के इलाकों के लोगों को भी सुलभ और किफायती हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके। इससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
अब तक इस योजना के तहत पांच हजार इक्यानवे करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण के रूप में दी जा चुकी है। यह सहायता उन मार्गों पर उड़ानें संचालित करने में मदद करती है, जहां शुरुआत में यात्री संख्या कम रहती है।
नए प्रावधान के साथ उम्मीद है कि और अधिक छोटे शहर हवाई नक्शे पर आएंगे। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।



