कच्चे तेल की तेजी से शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज

भारतीय शेयर बाजार के लिए बीता सप्ताह मुश्किल भरा रहा, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड का भाव एक सप्ताह में करीब सात प्रतिशत बढ़कर 116 डॉलर के आसपास पहुंच गया, जिससे महंगाई और आयात बिल को लेकर आशंका गहरा गई। इसी दबाव में तीस शेयरों वाला सेंसेक्स 1605 अंक यानी 2.15 प्रतिशत टूट गया, जबकि पचास शेयरों वाला निफ्टी 546 अंक यानी 2.36 प्रतिशत नीचे आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली भी अक्टूबर में करीब 51 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया। छोटे और मझोले शेयरों में गिरावट बड़ी कंपनियों से भी ज्यादा रही, जिससे आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ा। आने वाले सप्ताह में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक, कंपनियों के तिमाही नतीजे और पश्चिम एशिया के हालात बाजार की दिशा तय करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल में स्थिरता नहीं आती, तब तक निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए।



