कठपुतली महोत्सव में लोक कलाकारों का होगा संगम

लुप्त होती कठपुतली कला को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कठपुतली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। देश भर से आए लोक कलाकार पारंपरिक कथाओं को कठपुतलियों के माध्यम से जीवंत करेंगे। महोत्सव में बच्चों के लिए विशेष कार्यशालाएं भी रखी गई हैं, जिनमें वे खुद कठपुतली बनाना सीख सकेंगे।
आयोजकों के अनुसार महोत्सव में राजस्थान, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश की विभिन्न कठपुतली शैलियों की प्रस्तुतियां होंगी। वरिष्ठ कलाकारों द्वारा कला की बारीकियों पर चर्चा सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि इस कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही महोत्सव का मुख्य उद्देश्य है।
लोककला विशेषज्ञों का मानना है कि कठपुतली सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि कहानी कहने की प्राचीन परंपरा है। उनका कहना है कि ऐसे महोत्सवों से कलाकारों को सम्मान और आर्थिक सहारा दोनों मिलता है। सांस्कृतिक प्रेमियों ने महोत्सव का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय पहल बताया है और बड़ी संख्या में दर्शकों के जुटने की उम्मीद है।



