कार्तिक मास में त्योहारों की बहार, दीपावली आठ नवंबर को

कार्तिक मास के साथ ही व्रत और त्योहारों का सिलसिला शुरू हो गया है, जो नवंबर के अंत तक चलेगा। इस महीने धनतेरस 6 नवंबर को मनाई जाएगी, जिस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा की परंपरा है। दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी, जिस दिन घरों और प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश पूजन, दीप प्रज्ज्वलन और सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी। भोजपुरी समाज के सबसे महत्वपूर्ण लोकपर्वों में शामिल छठ पूजा नवंबर में चार दिनों तक चलेगी। छठ का चार दिवसीय कार्यक्रम 13 नवंबर शुक्रवार को नहाय-खाय से शुरू होगा, जिसमें स्नान और सात्त्विक भोजन के साथ व्रत की शुरुआत होती है। 14 नवंबर शनिवार को खरना होगा, जब दिनभर उपवास के बाद शाम को प्रसाद ग्रहण किया जाता है। 15 नवंबर रविवार को संध्या अर्घ्य दिया जाएगा, जिसमें अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। 16 नवंबर सोमवार को उषा अर्घ्य के साथ व्रत का पारण होगा, जब उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। छठ के दौरान घाटों पर पारंपरिक गीतों की गूंज, सूप में सजाए गए फल और ठेकुआ का प्रसाद लोक संस्कृति की विशिष्ट पहचान को जीवंत करते हैं। इसके बाद 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जाएगी, जिस अवसर पर पवित्र नदियों में स्नान, दान और दीपदान की परंपरा है, और वाराणसी सहित अनेक स्थानों पर देव दीपावली का आयोजन होता है।



