गांवों में डिजिटल साक्षरता शिविरों की मांग बढ़ी

गांवों में डिजिटल साक्षरता शिविरों की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि अब ग्रामीण जीवन के कई काम मोबाइल और इंटरनेट से जुड़ गए हैं। किसान, महिलाएं और युवा अब ऑनलाइन भुगतान, सरकारी योजनाओं की जानकारी और बच्चों की पढ़ाई के लिए डिजिटल साधनों का इस्तेमाल सीखना चाहते हैं। शिविरों में लोगों को मोबाइल चलाने की बुनियादी बातें, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और धोखाधड़ी से बचने के तरीके सिखाए जाते हैं। प्रशिक्षकों का कहना है कि शुरुआत में कई लोगों को झिझक होती है, लेकिन कुछ ही दिनों के अभ्यास के बाद वे आत्मविश्वास से डिजिटल साधनों का उपयोग करने लगते हैं। महिलाओं की भागीदारी इन शिविरों में विशेष रूप से उत्साहजनक रही है, क्योंकि वे घर के कामों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में भी मदद कर पा रही हैं। युवाओं का कहना है कि डिजिटल ज्ञान से उन्हें रोज़गार और जानकारी के नए अवसर मिल रहे हैं। बुजुर्गों के लिए भी शिविर उपयोगी साबित हो रहे हैं, क्योंकि वे अब अपने बच्चों से वीडियो कॉल पर बात कर पाते हैं। गांवों के लोगों ने मांग की है कि इस तरह के शिविर नियमित रूप से लगाए जाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति डिजिटल दुनिया से पीछे न रहे और हर परिवार इसका लाभ उठा सके।



