दिल्ली रैली से विपक्ष की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश

INDIA गठबंधन की ऑनलाइन बैठक के बाद राजनीतिक हलकों में एक नवंबर की दिल्ली रैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विपक्ष की एकजुटता दिखाने का मंच होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद और वोट चोरी के आरोपों को रैली का केंद्रीय मुद्दा बनाया जा सकता है। मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसी संदेश को धार देने की रणनीति बनी। विपक्षी दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग राज्यों के मुद्दों को एक राष्ट्रीय नैरेटिव में पिरोने की है। अगर रैली में बड़ी भागीदारी होती है तो इसका असर आने वाले चुनावी मुकाबलों पर भी पड़ सकता है। सत्तारूढ़ दल की ओर से विपक्ष के आरोपों को खारिज किए जाने की संभावना के बीच राजनीतिक तापमान और बढ़ने के आसार हैं। रैली की सफलता गठबंधन के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।



