पंचायत चुनाव से राजस्थान की स्थानीय राजनीति का मूड दिखेगा

राजस्थान में पंचायत चुनाव को राज्य की स्थानीय राजनीति के मूड का पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है। सोलह जिला परिषदों और एक सौ चार पंचायत समितियों में हुए पहले चरण के मतदान में मतदाताओं की भागीदारी ने राजनीतिक दलों का ध्यान खींचा है। जयपुर में दोपहर तक दर्ज पैंतीस प्रतिशत मतदान को लेकर दलों के शिविरों में अपने-अपने हिसाब लगाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दे — पानी, सड़क, रोजगार और पंचायतों के कामकाज — इस बार चर्चा के केंद्र में रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पंचायत नतीजे अक्सर बड़े चुनावों से पहले जमीनी हवा का अंदाजा दे देते हैं। अजमेर में ईवीएम खराबी जैसी छोटी घटनाओं के बावजूद मतदान प्रक्रिया कुल मिलाकर सुचारू रही। अब सभी दलों की नजरें नतीजों पर हैं, जिनसे गांवों में उनकी पकड़ की असली तस्वीर सामने आएगी।



