Breaking News
एयर इंडिया दुर्घटना: सुप्रीम कोर्ट स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमत हो गया। भारत समाचार‘बड़े और कठिन फैसले का इंतजार है’: मनोज तिवारी ने चेतावनी दी कि अगर भारत टी20 विश्व कप का बचाव करने में विफल रहा तो गौतम गंभीर की नौकरी खतरे में पड़ सकती है | क्रिकेट समाचार‘दुर्घटनाओं को निमंत्रण’: मुंबई के पास 4-लेन पुल अचानक घटकर 2 रह गया; एमएमआरडीए ने डिजाइन में खामी से इनकार किया | मुंबई समाचारअगर बच्चे प्रेम विवाह का विकल्प चुनते हैं तो परिवार उनका बहिष्कार करें: एमपी ग्राम पंचायत। इंदौर समाचारखोसला ने एलोन के घोसला पर छापा मारा: तकनीकी कर्मचारियों से मस्क की टेस्ला और स्पेसएक्स छोड़ने का आह्वान किया‘वैश्विक माहौल में उथल-पुथल’: भारत-यूरोपीय संघ ‘ऐतिहासिक’ एफटीए के बाद पीएम मोदी की ‘डबल इंजन’ पिचनासा ने डार्क मैटर: ब्रह्मांड के छिपे ढांचे के बारे में नई जानकारी साझा की है।अमेरिका में शीतकालीन तूफ़ान का कहर: कम से कम 30 मरे, पांच लाख से अधिक बिजली के बिना – वह सब जो आपको जानना आवश्यक हैअमेरिका में बर्फ़ीला तूफ़ान: विभिन्न क्षेत्रों में सर्दी के मौसम के भीषण प्रकोप से कम से कम 25 लोगों की मौत; 750,000 बिजली के बिना रह गएकनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मार्च में भारत आने की संभावना: एजेंडे में यूरेनियम, व्यापार समझौता; चीन की धुरी के कुछ दिनों बाद आता है

भागवत कथा के श्रवण मात्र से जीव की मृत्यु मंगलमय बन जाती है: विनोद शुक्ल

Published on: 30-11-2023

बांदा। जनपद के मुंगुस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के छठवें दिवस पर आचार्य पं. विनोद जी शुक्ल वैदिक ने कहा कि श्रीमद्भागवत परमहंसों की संहिता है। कथा के श्रवण मात्र से जीव की मृत्यु मंगलमय बन जाती है एवं हृदय में श्री कृष्ण का साक्षात्कार प्राप्त हो जाता है। जीव के सूक्ष्म दोशों का समन करा कर यह संहिता श्री कृष्ण की गोदी प्रदान करती है। हमें ईश्वर का दिन में कम से कम दो-चार बार धन्यवाद जरूर करना चाहिए क्योंकि इस जीवन में हमें जो कुछ इस जीवन में मिला है क्या हम उसके लायक थे लेकिन धन्य है प्रभु की करुणा। इस दया सिंधु भक्त वत्सल ने हमें हमारी औकात से भी ज्यादा बहुत कुछ दिया है। जो जीवन में हमें प्राप्त हुआ इसी को पर्याप्त मानने वाला ही परम संतोषी जीवन मुक्त प्राणी होता है। आचार्य पं. विनोद जी शुक्ला बांदा जिला के सुवि ख्यात कथा वाचक ज्ञान की पराकाष्ठा से ग्राम मुंगुस पर चल रही छठवें दिवस की कथा पर भक्तों का मन मोह लिया तथा रुक्मणी विवाह का प्रसंग चल रहा था ऐसा लग रहा था मानो साक्षात भगवान का विवाह हो रहा है एवं कथा के माध्यम से भक्तों को बहुत प्रकार से ज्ञान की बातें बताई। कर्म धर्म ज्ञान एवं विचारणिक बातों का ज्ञान कराया बाद में भगवान की मंगल आरती करा कर कथा को विश्राम किया। यह कथा रामेश्वर लक्ष्मी नारायण नवल किशोर जागेश्वर सत्यनारायण लालू गौरी शंकर आदि परिवार के पितरों के पुण्य स्मृति में चल रही है।

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।