भारत का कच्चा तेल आयात सितंबर में सात प्रतिशत बढ़ा

भारत के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी ताजा जानकारी के अनुसार सितंबर महीने में देश का कच्चा तेल आयात सात प्रतिशत बढ़ गया। आयात की मात्रा बढ़ने के साथ ही इसका बिल भी तेजी से ऊपर गया और यह करीब सैंतालीस प्रतिशत अधिक दर्ज किया गया। इसका मतलब है कि भारत को अपनी जरूरत का तेल खरीदने के लिए पहले की तुलना में काफी अधिक राशि चुकानी पड़ी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे ऊर्जा आयात पर खर्च का दबाव बढ़ रहा है। भारत अपनी पेट्रोलियम जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, इसलिए वैश्विक कीमतों में हलचल का सीधा असर देश के आयात बिल पर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ा हुआ ऊर्जा बिल व्यापार संतुलन और समग्र अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है, इसलिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले महीनों में दामों की दिशा और मांग के रुझान यह तय करेंगे कि आयात खर्च किस स्तर पर रहता है।



