भ्रामक दावों पर एफएसएसएआई का नेस्ले को नोटिस

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने उत्पादों में भ्रामक दावों को लेकर नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को नोटिस जारी किया है। एफएसएसएआई ने नेस्ले इंडिया से लैक्टोजन प्रो 1 के व्हे प्रोटीन दावे पर वैज्ञानिक प्रमाण मांगा है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना प्रमाण के पोषण संबंधी दावे उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं।
बच्चों के आहार और स्वास्थ्य उत्पादों पर किए जाने वाले दावों की सच्चाई उपभोक्ता स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी होती है, इसलिए नियामक की सख्ती अहम मानी जा रही है। कंपनियों को तय समय में जवाब देना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि विज्ञापनों में पोषण दावों पर वैज्ञानिक आधार अनिवार्य होना चाहिए, ताकि अभिभावक सही फैसला ले सकें। इस कार्रवाई से खाद्य उद्योग में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। एफएसएसएआई समय-समय पर खाद्य उत्पादों के लेबल और विज्ञापन दावों की जांच करता है। पहले भी कई कंपनियों पर भ्रामक प्रचार के लिए कार्रवाई हो चुकी है। उपभोक्ता संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है।



