मरम्मत के बाद फिर खोदी गई लखनऊ की सड़कें

लखनऊ में महीनों तक टूटी सड़कों की शिकायत के बाद मरम्मत का काम पूरा हुआ ही था कि कई इलाकों में सड़कें फिर से खोदी जा रही हैं। इससे नागरिकों में भारी नाराजगी है।
हिंदुस्तान टाइम्स की पड़ताल में डालीबाग, विभूति खंड और ईडब्ल्यूएस अपार्टमेंट के पास ताजी खुदाई पाई गई। लोगों का सवाल है कि जब सड़कें मरम्मत की प्रतीक्षा में थीं, तब एजेंसियां अपना काम क्यों नहीं करतीं और मरम्मत के बाद ही खुदाई क्यों शुरू होती है।
लोक निर्माण विभाग के लखनऊ मंडल के अधिशासी अभियंता सतेंद्र नाथ ने बताया कि जब कोई विभाग या एजेंसी एनओसी लेता है, तभी बहाली शुल्क वसूला जाता है और उसी राशि से सड़क की मरम्मत होती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बिजली वितरण समेत कई उपयोगिता एजेंसियां अपनी योजनाएं पहले से साझा नहीं करतीं, जिससे समन्वय नहीं बन पाता।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव सुशील प्रताप सिंह ने कहा कि आगामी योजनाओं में उपयोगिता लाइनों के लिए अलग नालियां बनाई जाएंगी, ताकि नई सड़कें बार-बार न कटें। अनंत नगर योजना में यह व्यवस्था अपनाई जा रही है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि निगम सड़क काटने का शुल्क लेता है और काम पूरा होने के बाद कार्रवाई की जिम्मेदारी निगम की है।



