मोरारी बापू की रामकथा यात्रा जम्मू पहुंची

कन्याकुमारी से आरंभ हुई मोरारी बापू की स्वस्तिक रामकथा यात्रा आठ राज्यों की दूरी तय करके अब जम्मू पहुंच गई है। यह यात्रा धार्मिक एकता का संदेश लेकर निकली है और रास्ते भर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही है।
यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर रामकथा के आयोजन हुए, जिनमें श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखी गई। कथा सुनने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे और आयोजन भक्ति के माहौल में सम्पन्न होते रहे।
एकता और सद्भाव का भाव इस यात्रा की पहचान माना जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए इसने लोगों को आपस में जोड़ने का काम किया है और धार्मिक आयोजन को सामाजिक संदेश से जोड़ा है।
यात्रा के आगामी पड़ावों को लेकर भी लोगों में उत्साह बना हुआ है। श्रद्धालु आगे के कार्यक्रमों की प्रतीक्षा कर रहे हैं और यात्रा जहां-जहां पहुंच रही है, वहां स्वागत का माहौल देखा जा रहा है। धार्मिक आयोजनों के प्रति लोगों की आस्था और सहभागिता इस यात्रा में साफ झलक रही है। जम्मू पहुंचने पर भी श्रद्धालुओं का उत्साह पहले जैसा बना रहा और कथा के आयोजनों को लेकर स्थानीय लोगों में खासा जोश देखा गया।



