राज्यसभा की 12 सीटें निर्विरोध भरी विपक्ष नहीं उतरा

नई दिल्ली। राज्यसभा के अक्टूबर दौर में सभी 12 सीटें निर्विरोध भर गईं। विपक्ष की ओर से उम्मीदवार न उतारे जाने के कारण 16 अक्टूबर को मतदान की जरूरत ही नहीं पड़ी और सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान नामांकन और नाम वापसी की समयसीमा पूरी होने के बाद मैदान में उतने ही उम्मीदवार रह गए, जितनी सीटें खाली थीं। ऐसे में मतदान की औपचारिकता की आवश्यकता समाप्त हो गई। निर्विरोध निर्वाचन को राजनीतिक दलों के बीच बनी सहमति और सीटों के गणित से जोड़कर देखा जा रहा है।
नवनिर्वाचित सदस्य जल्द ही शपथ लेंगे और उच्च सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेना शुरू करेंगे। राज्यसभा में इन सदस्यों के आने से विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व पूरा होगा। निर्विरोध चुनाव से यह भी साफ हुआ कि इस दौर में दलों ने टकराव के बजाय समझौते का रास्ता अपनाना उचित समझा। नतीजों की औपचारिक घोषणा के साथ ही चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई है।



