Breaking News
‘सॉरी पापा, गलती से हो गया’: शूटिंग, पिता के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद लखनऊ की किशोरी की माफी। लखनऊ समाचारयूएई ने तत्काल 4 स्वास्थ्य उत्पादों को वापस बुलाया: प्रत्येक उपभोक्ता को क्या पता होना चाहिए‘यह कैसा मजाक है?’ संजय सिंह ने पासपोर्ट जब्ती के बाद वैश्विक ‘फ्रेंडशिप ग्रुप’ चयन पर सरकार की आलोचना की। भारत समाचारलखनऊ मर्डर: ‘गलती से हो गया’: बेटे का बेतुका जवाब कि उसने पिता को गोली क्यों मारी, शरीर के टुकड़े किए – देखें | भारत समाचारआज सोने की कीमत: अपने शहर में 18K, 22K, 24K सोने की दरें जांचें; दिल्ली, बैंगलोर और भी बहुत कुछ‘किसी को SC को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे’: CJI ने न्यायिक भ्रष्टाचार पर पाठ को लेकर NCERT की खिंचाई की भारत समाचार‘चाय वैकल्पिक नहीं है’: भारत में रहने वाले एक जाम्बिया के इंजीनियरिंग छात्र ने क्या सिखाया |ओक्लाहोमा सिटी थंडर बनाम टोरंटो रैप्टर्स चोट रिपोर्ट: कौन खेल रहा है, घायल और संदिग्ध खिलाड़ी, आमने-सामने के रिकॉर्ड, टीम आँकड़े, और बहुत कुछ (24 फरवरी, 2026) | एनबीए समाचार‘हम 2002 हैं’: विधानसभा में विपक्ष पर हारते हुए नीतीश कुमार की बड़ी चूक – देखें | भारत समाचारCorruption, case backlog, judge shortage: NCERT class 8 book outlines judiciary’s key challenges. India News

राम-भरत का मिलन देख लीला प्रेमियों की आंखें हुई नम

Published on: 20-10-2023

रेणुकूट(सोनभद्र)। हिण्डाल्को रामलीला परिषद् द्वारा हिण्डाल्को रामलीला मैदान पर आयोजित हो रही रामलीला के पांचवें दिन चित्रकूट में भरत मिलाप, श्रीराम का पंचवटी प्रवास, शूर्पनखा नासिका भंग आदि लीलाओं का सजीवता से मंचन किया गया। लीलाओं में भरतजी अयोध्यावासियों के साथ वन में जाते हैं तो इन्हें निषादराज मिलते हैं जो भरतजी के साथ इतने बड़े जनसमूह को देख कर सोचते है कि हो न हो भरतजी श्रीराम को मारने जा रहे है लेकिन भरतजी से मिलने पर उन्हें सत्यता का पता चलता है और वे भरतजी को रास्ता बताते हुए श्रीराम के पास चित्रकूट पहुंचा देते हैं। चित्रकूट में भरतजी और श्रीरामजी का मार्मिक मिलन होता है जिसे देखकर लीला प्रेमियों की आंखें भर आती हैं। भरतजी श्रीराम से अयोध्या लौट चलने की विनती करते हैं लेकिन अपने पिता को दिए वचनों का पालन करते हुए भरतजी को अपनी खड़ाऊ देते हैं जिन्हें लेकर भरतजी अयोध्या लौट जाते हैं। अगले दृश्य में एक सुन्दर नारी का रूप धर कर रावण की बहन शूर्पनखा श्रीराम से विवाह करने को कहती हैं। श्रीराम के विवाहित होने के कारण शूर्पनखा लक्ष्मणजी से विवाह करने के लिए अड़ जाती हैं और क्रोध में लक्ष्मणजी शूर्पनखा की नाक काट लेते हैं। शूर्पनखा की कटी नाक देख कर लीला प्रेमी हंसी से लोट-पोट हो जाते हैं। कटी नाक लेकर शूर्पनखा भाई रावण के दरबार में पहुंचती हैं जिसे देखकर रावण अत्यंत क्रोधित हो जाता है और सीता हरण के लिए अपने मायावी मामा मारीच के साथ प्रस्थान कर जाते है। इसी के साथ पांचवें दिन की लीलाओं का समापन होता है। इससे पूर्व ने हिण्डाल्को के रिडक्शन हेड- जे.पी. नायक, तथा इलेक्ट्रिकल हेड- एचआर सिंह ने सपत्नी गणेश पूजन कर पांचवें दिन की लीलाओं का शुभारंभ किया। रामलीला परिषद् के अध्यक्ष प्रमोद उपाध्याय ने बताया कि छठे दिन सीता हरण, शबरी भक्ति, राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध, सीता की खोज व लंका दहन आदि लीलाओं का मंचन किया जाएगा।

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।