Monday, 26 October 2026  |  लखनऊ, उत्तर प्रदेश
● LIVE — ताज़ा अपडेट  |  lokayatdarpan.in
लोकायत दर्पण
Lokayat Darpan · Hindi News Portal · Lucknow, India
सत्य • निष्पक्ष • जनहित
ताज़ा ख़बरें, हर पल
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और उत्तर प्रदेश की हर बड़ी ख़बर
ब्रेकिंग न्यूज़
केन्या में बस ट्रक टक्कर में बाईस लोगों की मौत हुई●ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव आज, लूला और बोल्सोनारो पुत्र में टक्कर●ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी, हमले पर कड़ा जवाब देगा●हूती हमलों के बाद एयर इंडिया ने सऊदी उड़ानें अस्थायी रोकीं●कृषि एआई और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर मंथन हुआ संपन्न●ग्रामीण युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण का लक्ष्य बढ़ाया गया●देश में इंटरनेट उपयोगकर्ता एक अरब ग्यारह करोड़ पार●ग्रामीण डिजिटल पुस्तकालयों से युवाओं को मिली नई राह●केन्या में बस ट्रक टक्कर में बाईस लोगों की मौत हुई●ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव आज, लूला और बोल्सोनारो पुत्र में टक्कर●ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी, हमले पर कड़ा जवाब देगा●हूती हमलों के बाद एयर इंडिया ने सऊदी उड़ानें अस्थायी रोकीं●कृषि एआई और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर मंथन हुआ संपन्न●ग्रामीण युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण का लक्ष्य बढ़ाया गया●देश में इंटरनेट उपयोगकर्ता एक अरब ग्यारह करोड़ पार●ग्रामीण डिजिटल पुस्तकालयों से युवाओं को मिली नई राह
उत्तर प्रदेश

वाल्मीकि जयंती पर उत्तर प्रदेश के मंदिरों में अखंड पाठ होगा

25 October 2026, 11:41 am  |  लोकायत दर्पण

उत्तर प्रदेश में छब्बीस अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सभी जिलों के मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस अवसर पर मंदिरों में वाल्मीकि रामायण का अखंड पाठ किया जाए और रामायण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हों। वाल्मीकि जयंती को लेकर प्रदेश भर में तैयारियां तेज हो गई हैं। मंदिर समितियों ने पाठ के लिए विद्वानों और कलाकारों को आमंत्रित किया है। अखंड पाठ के दौरान रामायण के प्रसंगों का वाचन होगा और भजन कीर्तन का भी आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रामायण पर आधारित नाटक, नृत्य और गायन की प्रस्तुतियां होंगी। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को महर्षि वाल्मीकि के जीवन और रामायण के संदेश से जोड़ना है। वाल्मीकि रामायण को भारतीय संस्कृति का आधार ग्रंथ माना जाता है और इसके माध्यम से धर्म, कर्तव्य और मर्यादा का संदेश मिलता है। जिलों के प्रशासन ने मंदिरों में सुरक्षा, सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, इसलिए भीड़ प्रबंधन की भी योजना बनाई गई है। आयोजकों का कहना है कि इन कार्यक्रमों से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिलेगा।

इसी श्रेणी की और ख़बरें

सभी देखें →