सामाजिक सहायता योजना से उत्तर प्रदेश परिवारों को मिलेगा लाभ

लखनऊ। केंद्र सरकार के ताजा फैसले का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने की उम्मीद है। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना के नाम से आगे बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इस योजना के लिए 2026-27 से 2030-31 तक करीब 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। प्रदेश में वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह सहायता रोजमर्रा की जरूरतों में महत्वपूर्ण सहारा बनती है। सबसे उल्लेखनीय बदलाव दिव्यांग पेंशन को लेकर किया गया है, जहां पात्रता का मानक 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इससे प्रदेश के अनेक ऐसे लोग भी दायरे में आ सकेंगे, जो पहले ऊंची सीमा के कारण लाभ से वंचित रह जाते थे। जानकारों का कहना है कि योजना का नाम बदलने के साथ इसके क्रियान्वयन और जागरूकता पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि पात्र लोग समय पर आवेदन कर सकें। जिला और ब्लॉक स्तर पर सही जानकारी पहुंचेगी तो योजना का लाभ जमीनी स्तर तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।



