हायलो ओपन में भारत की उम्मीदें सिंधु के कंधों पर टिकीं

जर्मनी के सारब्रुकेन में मंगलवार से शुरू हो रहे हायलो ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद पीवी सिंधु होंगी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु को महिला एकल में दूसरी वरीयता मिली है। हाल ही में फ्रेंच ओपन में उपविजेता रहने के बाद उनके आत्मविश्वास में इजाफा हुआ है और वह इस टूर्नामेंट में खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। उनके साथ उन्नति हुड्डा और अश्मिता चालिहा भी महिला एकल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। युवा खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट अंतरराष्ट्रीय अनुभव जुटाने का अच्छा अवसर होगा। पुरुष एकल में लक्ष्य सेन भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगे। यूरोप में लगातार टूर्नामेंट खेलने से भारतीय खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों और विरोधियों के खिलाफ खेलने का अभ्यास मिल रहा है। बैडमिंटन विशेषज्ञों का मानना है कि सिंधु का अनुभव और आक्रामक खेल इस टूर्नामेंट में निर्णायक साबित हो सकता है, बशर्ते वह शुरुआती दौर में लय बरकरार रखें। भारतीय प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार ट्रॉफी भारत आएगी और युवा खिलाड़ी भी अंतिम दौर तक का सफर तय करेंगे।



