यमुना प्रदूषण मामले में रासायनिक कचरे की जांच तेज

यमुना नदी में मृत मछलियां मिलने के बाद प्रदूषण को लेकर जांच तेज कर दी गई है। प्रशासन की टीमें नदी के पानी के नमूने ले रही हैं और रासायनिक कचरे के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मछलियों की मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। नदी के किनारे स्थित औद्योगिक इकाइयों और नालों से आने वाले पानी पर विशेष नजर रखी जा रही है। यदि किसी इकाई द्वारा नियमों के खिलाफ कचरा नदी में डाला जाना पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि रासायनिक कचरा जलजीवों के लिए अत्यंत घातक होता है और इससे पानी में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिरता है। स्थानीय मछुआरों ने अपनी आजीविका पर संकट की बात कही है और नदी को स्वच्छ बनाने के लिए ठोस कदमों की मांग की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी में कूड़ा या अन्य सामग्री न डालें। साथ ही जांच पूरी होने तक स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर यमुना की सफाई को लेकर चल रही कोशिशों की वास्तविकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



