आईडीबीआई हिस्सेदारी घटाने पर वित्त मंत्रालय का स्पष्टीकरण आया

आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी घटाने को लेकर उठ रहे सवालों पर वित्त मंत्रालय ने अपना रुख स्पष्ट किया है। मंत्रालय का कहना है कि केंद्र सरकार बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम कर सकती है और इस दिशा में आगे बढ़ने से कोई कानूनी रोक नहीं है। स्पष्टीकरण में यह भी कहा गया कि दिल्ली हाईकोर्ट के वर्ष 2018 के फैसले ने इस प्रक्रिया पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई थी। सरकार ने अपने तर्क में बजट से जुड़ी चर्चाओं का हवाला दिया, जिनमें बैंकों में हिस्सेदारी घटाने की मंशा पहले से जताई जाती रही है। साथ ही आईडीबीआई निरसन अधिनियम 2003 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि बैंक की स्थिति में समय के साथ बदलाव हो चुका है। इस स्पष्टीकरण के बाद हिस्सेदारी बिक्री की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी है, क्योंकि इस फैसले का असर बैंक के भविष्य और निवेशकों के भरोसे दोनों पर पड़ सकता है।



