Breaking News
अमेरिका में बर्फ़ीला तूफ़ान: विभिन्न क्षेत्रों में सर्दी के मौसम के भीषण प्रकोप से कम से कम 25 लोगों की मौत; 750,000 बिजली के बिना रह गएकनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मार्च में भारत आने की संभावना: एजेंडे में यूरेनियम, व्यापार समझौता; चीन की धुरी के कुछ दिनों बाद आता है‘जो भी उनके खिलाफ आएगा वह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा’: टी20 विश्व कप से पहले भारत के अपराजेय दिखने पर इरफान पठान ने दुनिया को दी चेतावनी | क्रिकेट समाचारज़मीन में निवेश करने से पहले जानने योग्य 8 महत्वपूर्ण बातेंलाल झंडों के बावजूद, कर्नाटक ने बेंगलुरु में 22 दलित और ओबीसी मठों को 255 करोड़ रुपये की जमीन दी। बेंगलुरु समाचारचीन के शीर्ष जनरल पर आधिकारिक पदोन्नति के बदले अमेरिका को परमाणु रहस्य लीक करने का आरोप: रिपोर्टअभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज अर्धशतक लगाकर इतिहास रचा, एलीट क्लब में शामिल हुए | क्रिकेट समाचारअनुभवी पत्रकार और लेखक मार्क टुली का 90 वर्ष की उम्र में निधन | भारत समाचारचोर ने चुराया फोन, देखी प्रेमानंद महाराज जी की फोटो – बिना कुछ कहे लौटा दिया!‘मतदाता एक भाग्य विधाता’: पीएम मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। भारत समाचार

डा० रमाकांत द्विवेदी ने आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन करने बारें में दी सलाह!

Published on: 29-12-2023

शमसुलहक़ ख़ान की रिपोर्ट

डा० रमाकांत द्विवेदी ने आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन करने बारें में दी सलाह!

बस्ती (कप्तानगंज ) – आधुनिक जीवन की भाग दौड़ भरी जिंदगी मे मानव अनेक रोगों से ग्रस्त हो रहा है जिसका मुख्य कारण कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र है । सर्दियों के मौसम मे या फिर लगातार किसी व्यक्ति को नाक में खुजली महसूस होना , सांस लेने मे परेशानी होना , गले मे खराश होना , अत्यधिक छींक आना , साथ मे आँखों मे जलन होना , आंखे लाल होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो एलर्जिक रायनाइटिस के लक्षण हो सकते है l आयुर्वेद के अनुसार इसे जीर्ण प्रतिश्याय कहा जा सकता है आयुर्वेद के अनुसार चिकित्सा निदान परिवर्जन अर्थात जिन वस्तुओं से एलर्जी है उनसे दूर रहना रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना – आयुष क्वाथ संश्मनी वटी का नित्य सेवन औषधि के रूप में सितोप्लादि चुर्ण लक्ष्मी विलास रस, तालिसादि चुर्ण , च्यवनप्राश , अवलेह , हरिद्राखंड का सेवन करना, चित्रक हरितकी अवलेह 01 चम्मच सुबह शाम , षड बिंदु तेल सुबह शाम नाक मे दो दो बून्द डालना चाहिए l डॉ रमाकांत द्विवेदी ने बताया कि उपरोक्त औषधियों का सेवन चिकित्सक के परामर्श के अनुसार लें एवं आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन नियमित रूप से करने शरीर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और पुराने रोगों के लिए आयुर्वेदिक औषधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है ।

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।