मंदी के दौर में शी जिनपिंग का नया लॉन्ग मार्च नारा

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी आर्थिक सुस्ती की चुनौती से जूझ रही है और इस बीच राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 'नए लॉन्ग मार्च' का आह्वान किया है। उनके इस नारे को पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और कठिन आर्थिक दौर से निकलने के संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है।
लॉन्ग मार्च का उल्लेख चीन के इतिहास की उस कठिन यात्रा से जुड़ा है, जब कम्युनिस्ट क्रांतिकारियों ने विपरीत परिस्थितियों में लंबा संघर्ष किया था। शी के इस संबोधन को आर्थिक चुनौतियों के बीच एकजुटता, धैर्य और आत्मनिर्भरता का संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर इसे नेतृत्व की दृढ़ता के प्रदर्शन के तौर पर भी आंका जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, धीमी आर्थिक वृद्धि, रोजगार की चिंता और वैश्विक व्यापारिक दबाव चीन के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व का यह संदेश घरेलू मोर्चे पर भरोसा कायम रखने और लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।



