एमएलसी मतदाता सूची में अजीब नामों पर चुनाव आयोग की सफाई

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में सामने आई अजीबोगरीब प्रविष्टियों पर चुनाव आयोग ने सफाई दी है। आयोग के अनुसार, यह गड़बड़ी सॉफ्टवेयर की खामी के कारण हुई है और इसमें किसी साजिश का हाथ नहीं है।
इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सूची में 'राम ने यादव को मारा' जैसे नाम और पिता के नाम की जगह 'बीकॉम' जैसी प्रविष्टियां सामने आई थीं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने स्वीकार किया कि ग्यारह निर्वाचन क्षेत्रों की चौदह लाख इक्यासी हजार प्रविष्टियों में से एक सौ अट्ठावन में ऐसी असामान्य जानकारियां पाई गईं।
रिनवा के अनुसार, पहली बार स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सूचियां डिजिटल तरीके से तैयार की गईं। निर्वाचन कार्यालय की आईटी टीम ने करीब चार महीनों में यह मंच विकसित किया था। सॉफ्टवेयर अंग्रेजी में दर्ज नामों का हिंदी लिप्यंतरण करने के लिए बनाया गया था, लेकिन कई मामलों में उसने शब्दों का अनुवाद ही कर दिया, जिससे गलत प्रविष्टियां तैयार हो गईं।



