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श्री कृष्णा और रुक्मणी का प्रसंग सुन भाव विभोर हुए श्रोता

Published on: 09-11-2024

-जमुरावां गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास ने सुनाएं कई प्रसंग

महराजगंज, रायबरेली। क्षेत्र के जमुरावां गांव में श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा में भगवान श्री कृष्ण रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। भगवान श्री कृष्ण रुक्मणी का वेश धारण किए बाल कलाकारों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा एवं स्वागत कर विवाह के मंगल गीत गाकर नृत्य भी किया।

जमुरावां के पवन कुमार मिश्रा के यहां चल रही श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा के छठवें दिन कथा व्यास डा. उमेश तिवारी जिज्ञासु ने श्रद्धालुओं को भगवान श्री कृष्ण के कई प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि रुक्मणी विदर्भ देश के राजा भीष्मक (उन्हें हीरण्यरोमन भी कहा जाता था) की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी जी का अवतार थी।

रुक्मणी ने जब देवर्षि नारद के मुख से श्री कृष्ण के रूप, सौंदर्य और गुणों की प्रशंसा सुनी तो उसने मन ही मन श्री कृष्ण जी से विवाह करने का निश्चय किया। रुक्मिणी का बड़ा भाई रुक्मी श्री कृष्ण से शत्रुता रखता था और अपनी बहन का विवाह राजा दमघोष के पुत्र शिशुपाल से कराना चाहता था।

रुक्मणी को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने एक ब्राह्मण संदेशवाहक द्वारा श्री कृष्ण के पास अपना परिणय संदेश भिजवाया। तब श्री कृष्णा विदर्भ देश की नगरी कुंडीनपुर पहुंचे और वहां बारात लेकर आए शिशुपाल व उसके मित्र राजाओं शाल्व,जरासंध,दंतवक्र और पौंड्रक को युद्ध में परास्त करके रुक्मणी का उनकी इच्छा से हरण कर लाए।

तत्पश्चात श्री कृष्ण ने द्वारिका में अपने संबंधियों के समक्ष रुक्मणी से विवाह किया। कथा के छठवें दिन भगवान श्री कृष्ण सुदामा का भजन सुनाया गया। वही सजीव झांकियां भी सजाई गई। इस दौरान धार्मिक भजनों पर श्रद्धालुओं को नृत्य करते व जयकारे लगाते हुए देखा गया। जिससे माहौल धर्ममय हो गया।

इस मौके पर डॉक्टर अशोक कुमार मिश्रा, संजय मोहन त्रिवेदी, राघवेंद्र शुक्ला, भानू कोटेदार, अवधेश कुमार मिश्रा, राम अचल मिश्रा, मास्टर शिव प्रताप सिंह, अर्जुन सिंह बघेल, शिव शंकर सिंह, डॉक्टर वीरेंद्र कुमार सिंह, ऋषि कुमार श्रीवास्तव, भाजपा मंडल अध्यक्ष विवेक कुमार पांडे, कोटेदार राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, अमित त्रिपाठी उर्फ मोनू, अनुराग चौधरी ग्राम प्रधान जमुरावां, रामकुमार शुक्ला चौड़िया, अशोक कुमार शुक्ला चौड़िया शाहिद सैकड़ो की संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।

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