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निजी औद्यौगिक पार्कों के विकास की नई योजना प्रारम्भ

Published on: 06-12-2024

रायबरेली। उपयुक्त उद्योग ने बताया है कि उ०प्र० सरकार वैश्विक निवेशक सम्मेलन के पश्चात निवेशको के प्रस्तावों को धरातल पर लाये जाने हेतु आवश्यक औद्यौगिक भूमि की आवश्यकता को पूर्ण करने हेतु निजी औद्यौगिक पार्कों के विकास की नई योजना प्रारम्भ की गई है। योजना का नाम PLEDGE (Promotion Leadership and Enterprise for Devlopment of Growth Engines) है।

उन्होंने योजना के महत्वपूर्ण बिन्दु के बारे मे जानकारी देते हुए बताया है कि इस योजना में औद्यौगिक पार्कों को निजी प्रवर्तक द्वारा Build, Own Operate (BOO) के आधार पर संचालित किया जायेगा। योजनान्तर्गत 10 से 50 एकड़ तक की भूमि पर औद्यौगिक पार्क विकसित किया जा सकेगा। योजना में बनाये जाने वाले औद्यौगिक पार्क में न्यूनतम एक एकड़ 01 इकाई को भूखण्ड आवंटन का प्रावधान होगा तथा कुल विकसित औद्यौगिक क्षेत्र में 75 प्रतिशत भूखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाईयों के लिए आरक्षित रहेगा।

औद्यौगिक पार्क के विकास हेतु आवश्यक धनराशि भूमि के मूल्य का 90 प्रतिशत जिलाधिकारी दर पर अथवा औद्यौगिक पार्क के विकास हेतु आवश्यक धनराशि में से जो कम हो, 01 प्रतिशत ब्याज दर पर सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। शेष 10 प्रतिशत धनराशि निजी प्रवर्तक द्वारा स्वयं के स्रोतो अथवा बैंक ऋण से करनी होगी। औद्यौगिक पार्क के विकास की लागत गणना अधिकतम रू० 50 लाख प्रति एकड़ की दर से दी जायेगी।

औद्यौगिक पार्क में आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं जैसे-बाउण्ड्री वाल/फेन्सिंग, आन्तरिक मार्ग (कंक्रीट रोड), नाली, कल्वर्ट, विद्युत संयोजन मय ट्रान्फारमर, पेय जल सुविधा व सीवेज इत्यादि का विकास मानक के अनुरूप करना होगा। सरकार द्वारा उक्त औद्यौगिक पार्क के विकास हेतु दी जाने वाली धनराशि दो समान किस्तो में दी जायेगी। प्रथम किस्त की 75 प्रतिशत धनराशि का उपयोग हो जाने पर द्वितीय किस्त जारी की जायेगी।

निजी प्रवर्तक द्वारा उक्त औद्यौगिक पार्क के विकास हेतु क्रय की जाने वाली भूमि पर एमएसएमई नीति-2022 के अन्तर्गत 100 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क की छूट दी जायेगी। औद्यौगिक पार्कों के विकसित भूखण्डों की बिकी से प्राप्त होने वाली धनराशि एसक्रो खाते में रखी जायेगी तथा परियोजना के विभिन्न स्टेकहोल्डर को उनके योगदान के अनुरूप वापस की जायेगी।

योजनान्तर्गत राज्य सरकार द्वारा औद्यौगिक पार्क के विकास हेतु दी गयी धनराशि अधिकतम 06 वर्षों में वापस करनी होगी। प्रथम 03 वर्ष तक उक्त दी गयी धनराशि पर 01 प्रतिशत का साधारण ब्याज लिया जायेगा। चौथे वर्ष से छठें वर्ष तक 6 प्रतिशत की दर साधारण ब्याज लगेगा।

योजना की विस्तृत जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय-जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, सिविल लाइन्स, रायबरेली से सम्पर्क किया जा सकता है।

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