मोदी का आह्वान, विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एकजुट हो देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नागरिकों से विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने और आत्मनिर्भरता को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में उभरती नई चुनौतियों और बुराइयों से निपटने के लिए एकजुट और सशक्त समाज का होना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के अनुसार राष्ट्रीय प्रगति के लिए सामाजिक समरसता सबसे बड़ी पूंजी है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को दोहराया और कहा कि हर नागरिक को देश के विकास में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह संदेश मौजूदा सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में एकता और विकास के एजेंडे को रेखांकित करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विभाजनकारी ताकतें समाज को तोड़ने का प्रयास करती हैं, लेकिन भारत की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने की भी अपील की। उनके इस संदेश को पार्टी कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।



