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श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा श्रवण करने पहुंचे इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश व मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल

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Published on: 19-05-2025

ड्रमंडगंज, मीरजापुर। ड्रमंडगंज क्षेत्र के बबुरा रघुनाथ सिंह (कठारी)गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश कृष्ण पहल और मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी व सेवानिवृत्त आईएएस सर्वज्ञ राम मिश्र भी कथा श्रवण करने के लिए पहुंचे। कथावाचक बद्रीश जी महाराज ने कृष्ण सुदामा मित्रता और राजा परीक्षित मोक्ष की कथा का भक्तों को रसपान कराया।

कथावाचक ने कहा कि कृष्ण और सुदामा जैसी मित्रता संसार में दुर्लभ है। सुदामा जब द्वारिकापुरी पहुंचते हैं तो द्वारपाल से सुदामा के राजमहल पर आने की सूचना पाकर भगवान कृष्ण सुध-बुध खोकर परममित्र सुदामा से मिलने के लिए दौड़ पड़े। सुदामा की दीन दशा देखकर भगवान कृष्ण के आंखों से अश्रु धारा बहने लगी।

कथावाचक ने श्रीमद्भागवत की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। भागवत कथा श्रवण करने से अज्ञानता का नाश होता है। कथावाचक बद्रीश जी महाराज ने न्यायमूर्ति कृष्ण पहल मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी व सेवानिवृत्त आईएएस सर्वज्ञ राम मिश्र को अंग वस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया।

कथा यजमान सेवानिवृत्त आईएएस मणि प्रसाद मिश्र, प्रोफेसर आशुतोष मिश्र, प्रकाश त्रिपाठी अधिवक्ता पारिजात मिश्र, विकास त्रिपाठी, डा॰ बृजेश द्विवेदी,आचार्य अखिल मिश्र, आचार्य लोकनारायण, आचार्य धर्मेंद्र जी, आचार्य माधव दास,विजय बहादुर सिंह,मून्नू सिंह, पुंडरीक सिंह, विवेक सिंह, पुष्पराज सिंह, छोटे सिंह,अमित सिंह, सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।

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