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तेहरान पर मंडरा रहा जल संकट: दो हफ्तों में सूख सकता है राजधानी का मुख्य पानी स्रोत, ईरान में मचा हड़कंप

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Published on: 04-11-2025

ईरान की राजधानी तेहरान को पानी देने वाला अमीर कबीर बांध सिर्फ दो हफ्तों में सूख सकता है। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार बांध में अब मात्र 14 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी बचा है, जबकि पिछले साल यह 86 मिलियन था। ईरान दशकों के सबसे बड़े सूखे और जल संकट से जूझ रहा है।

तेहरान, ईरान।
ईरान की राजधानी तेहरान इस समय अपने सबसे गंभीर जल संकट से जूझ रही है। सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, शहर के पीने के पानी का मुख्य स्रोत — अमीर कबीर बांध — अगले दो हफ्तों में पूरी तरह सूख सकता है।

तेहरान को पानी मुहैया करवाने वाली सरकारी कंपनी के डायरेक्टर बेहज़ाद पारसा ने बताया कि अमीर कबीर बांध में इस समय सिर्फ 14 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी बचा है।
एक साल पहले, इसी बांध में 86 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी था — यानी 80% से ज़्यादा पानी की कमी दर्ज की गई है।

पारसा ने चेतावनी दी कि मौजूदा पानी का भंडार सिर्फ़ दो हफ्तों तक ही राजधानी की ज़रूरतों को पूरा कर सकेगा। इसके बाद तेहरान में गंभीर जल संकट की स्थिति बन सकती है।

तेहरान और इसके आसपास के इलाक़ों में लंबे समय से सूखा जारी है। अक्टूबर में एक स्थानीय अधिकारी ने बताया था कि इस साल बारिश का स्तर लगभग एक सदी में सबसे कम रहा है। इससे ईरान में खेती, उद्योग और रोजमर्रा के जीवन पर भारी असर पड़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का यह संकट सिर्फ़ प्राकृतिक नहीं, बल्कि जल प्रबंधन की नीतियों और जलवायु परिवर्तन का संयुक्त परिणाम है।
कई पर्यावरण समूहों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत उपाय नहीं किए गए, तो तेहरान समेत कई शहरों में पानी का भारी अभाव हो सकता है।तेहरान में पानी की कमी सिर्फ़ एक पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि यह मानवाधिकारों से जुड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
पानी तक समान पहुंच हर नागरिक का मूल अधिकार है — और यदि राजधानी जैसे शहर में भी यह संकट गहराता गया, तो गरीब तबका सबसे पहले और सबसे ज़्यादा प्रभावित होगा।


  • बांध का नाम: अमीर कबीर
  • बचा पानी: 14 मिलियन क्यूबिक मीटर
  • पिछले साल था: 86 मिलियन क्यूबिक मीटर
  • खतरा: सिर्फ़ 2 हफ्तों की आपूर्ति शेष
  • मुख्य कारण: सूखा, जलवायु परिवर्तन, कम वर्षा

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