आगामी छठ पर्व पर लोकगीतों की तैयारियां ज़ोरों पर

आगामी छठ पर्व को लेकर लोकगीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। घाटों की साफ-सफाई और सजावट का काम शुरू हो गया है, वहीं लोक कलाकार पारंपरिक छठ गीतों के अभ्यास में जुटे हैं। बाज़ारों में पूजा सामग्री की दुकानों पर भी रौनक बढ़ने लगी है।
सांस्कृतिक आयोजकों के अनुसार इस बार कई जगहों पर छठ महोत्सव के तहत लोकसंगीत संध्या आयोजित की जाएगी। स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ प्रसिद्ध लोकगायकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा, रोशनी और पेयजल की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।
लोकसंस्कृति के जानकारों का कहना है कि छठ पर्व सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि लोकगीतों और सामुदायिक एकता का उत्सव है। उनका मानना है कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है और लोककला को संरक्षण मिलता है। श्रद्धालुओं में पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और बाज़ारों में चहल-पहल बढ़ गई है।



