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2004 से अमरावती की अचलपुर सीट पर अपराजित हैं बच्चू कडू, उनकी भाजपा नेता नवनीत राणा से खुली अदावत जगजाहिर है

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Published on: 10-10-2024

 

महाराष्ट्र की अचलपुर विधानसभा सीट पूरे राज्य में प्रहार जनशक्ति पार्टी के मजबूत नेता बच्चु कडू के कारण भी जानती है। जो इस क्षेत्र का 2004 से लगातार प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। बच्चु कडु 2019 तक बतौर निर्दलीय प्रत्याशी भी 3 बार जीत हासिल कर चुके हैं। उनकी अमरावती क्षेत्र की पूर्व सांसद और 2024 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर मैदा में उतरने वाली नवनीत राणा के साथ जुबानी जंग जगजाहिर है। दोनों खुले मंच से एक-दूसरे पर कई आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे हैं।

अक्टूबर 2014 को, कडू ने कांग्रेस उम्मीदवार बबलू देशमुख को 10000 से अधिक मतों से हराकर विधानसभा चुनाव जीता। अचलपुर विधानसभा चुनाव में यह पहला मौका था जब किसी उम्मीदवार ने लगातार तीन बार जीत हासिल की। ​​2019 के चुनाव में उन्होंने कुल 81,252 वोटों से विधानसभा चुनाव जीता, जो कुल मतदाताओं का 44% है। वह अचलपुर विधानसभा चुनाव में लगातार चौथी बार चुने जाने वाले पहले उम्मीदवार हैं। वह प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता हैं।

वह नवगठित महाविकास आघाड़ी या एमवीए का हिस्सा हैं। प्रहार युवाशक्ति संगठन नामक बैनर जो प्रहार पार्टी बन गया। इसके बाद उन्होंने 2022 के महाराष्ट्र राजनीतिक संकट में एकनाथ शिंदे के साथ एमवीए के खिलाफ बगावत की।

मार्च 2023 में, उन्होंने विवाद खड़ा कर दिया जब उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों को कुत्ते के मांस के लिए खाने के लिए असम भेजा जाना चाहिए। 2024 के लोकसभा चुनाव में बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी ने अमरावती निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार दिया है । यह कदम भाजपा द्वारा विवादास्पद उम्मीदवार नवनीत राणा की उम्मीदवारी की घोषणा के जवाब में उठाया गया है।

बच्चू कडू उद्धव ठाकरे की सरकार में जलसंपदा, स्कूली शिक्षा, श्रम, महिला और बाल कल्याण तथा मुक्त घुमंतू जाति जनजाति कल्याण, इन पांच-पांच मंत्रालयों के राज्य मंत्री रहे हैं। इसके बाद एकनाथ शिंदे की बगावत के दौरान वह शिंदे गुट के साथ हो गए।

आम लोगों के बीच बच्चू कडू जितने लोकप्रिय हैं, उतने ही अधिकारियों से हाथापाई, मारपीट, बदसलूकी के लिए बदनाम भी हैं। अब तक बच्चू कडू लगभग 70-75 हजार लोगों को फ्री इलाज मुहैया करा चुके हैं। खुद सैकड़ों बार रक्तदान कर चुके हैं। लोगों को समय पर इलाज मुहैया कराने के लिए उनके चुनाव क्षेत्र में एम्बुलेंस की व्यवस्था होना जरूरी है। बच्चू कडू ने बिना ब्याज के लोन पर एक कार खरीदी। फिर उसे बेच कर एम्बुलेंस खरीद ली और उसका लोकार्पण कर दिया।

भाजपा नेता नवनीत राणा ने बताया ब्लैकमेलर और सुपारीबाज

लोकसभा चुनाव 2024 में हार मिलने के बाद भाजपा नेता नवनीत राणा एक बार फिर अपनी हार का ठीकरा बच्‍चू कडू पर फोंड दिया है। इसके साथ ही नवनीत राणा ने आरोप लगाया कि बच्‍चू कडू लोगों को गिराने की सुपारी लेते हैं। नवनीत राणा ने बच्‍चू कडू को ब्लैकमेलर तक कह डाला है। आइए जानते हैं कौन हैं बच्‍चू कडू और महाराष्‍ट्र विधानसभा से पहले नवनीत राणा इस पर क्‍यों भड़की हैं?

बच्‍चू और नवनीत राणा

बता दें बच्‍चू कडू की भाजपा नेता नवनीत राणा के साथ-साथ रवि राणा के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर है। दोनों के बीच अक्सर बहस और एक-दूसरे की आलोचना आम बात है।

राणा ने अपनी हार के लिए बच्‍चू को ठहराया जिम्‍मेदार

लोकसभा चुनाव में हार का सामना करने वाली नवनीत राणा ने अपनी इस हार के लिए बच्चू कडू को जिम्मेदार ठहराया है क्योंकि उन्होंने महागठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद अपनी पार्टी का उम्मीदवार मैदान में उतारा था।

कडू पर राणा ने बोला हमला

अमरावती के पटरावाड़ा में दही हांडी कार्यक्रम के दौरान अब नवनीत राणा ने बच्चू कडू की कड़ी आलोचना की और भविष्य में बदला लेने की बात भी कहीं। उन्होंने कडू को बहादुर लेकिन सुपारीबाज विध्‍वंसकारी नेता बताया।

लोगों को गिराने की सुपारी लेते हैं

नवनीत राणा ने कहा “मैं लोकसभा हारने के बाद पहली बार आई हूं। कुछ सुपारी लेने वाले बहादुरों ने मुझे गिराने की सुपारी ली है। राणा ने कहा यहां हमारे कुछ भाई हैं, जो किसी को गिराने की सुपारी लेते हैं। क्या आप जानते हैं कि वे कौन हैं? सभी जानते हैं।

बच्चू कडू सुपारी बहादुर नेता

नवनीत राणा ने विधायक बच्चू कडू का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि उन्‍होंने अपने परिवार की सात पीढ़ियों के लिए रोजगार की व्यवस्था की है, जबकि अचलपुर के लोगों की उपेक्षा की है। राणा ने सवाल किया कि क्‍या इस बार के चुनाव में सुपारी बहादुर को निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किया जाएगा। क्या सुपारी बहादरा को अचलपुर निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किया जाएगा या नहीं? उन्होंने काडू को टोडी बहादुर, ब्लैकमेलर, सुपारीबाज, ढोंगी, गरुड़ी भी कहा।

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