दस दिन में चार चुनाव, दुनिया की राजनीति लेगी नया मोड़

वैश्विक राजनीति में इस वक्त एक दुर्लभ दौर देखने को मिल रहा है, जब महज दस दिनों के भीतर चार महत्वपूर्ण चुनाव हुए हैं या होने वाले हैं। इस चुनावी चक्र की शुरुआत ब्राजील के राष्ट्रपति पद के रनऑफ चुनाव से हुई, जिसमें लूला दा सिल्वा ने दक्षिणपंथी उम्मीदवार को हराकर जीत दर्ज की। इसके बाद यूरोप के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश सर्बिया में चुनाव हुए, जहाँ राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक पकड़ हिलती दिखी। सर्बिया में पिछले दो वर्षों से छात्र-नेतृत्व वाले बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए इन चुनावों का मुख्य मुद्दा भ्रष्टाचार, राजनीतिक नियंत्रण और लोकतांत्रिक संस्थानों की स्वतंत्रता रहा है। इस क्रम में इजरायल का चुनाव भी शामिल है। इस दस दिवसीय चुनावी महाकुंभ का समापन अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के साथ होगा, जो तीन नवंबर को होने हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजों से यह तय होगा कि आने वाले समय में दुनिया भर में दक्षिणपंथी राष्ट्रवाद मजबूत होगा या उदारवादी और लोकतांत्रिक ताकतें वापसी करेंगी। अमेज़न वर्षावन के संरक्षण, पर्यावरण नीतियों और बड़े देशों के आपसी संबंधों पर भी इनका गहरा असर पड़ेगा।



