Breaking News
दूसरा आगमन: POTUS के बाद भूमिका के लिए ट्रम्प ने ऑडिशन दियाविक्रम की 'हॉप' चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र के पास सतही 'परतों' को खोलती है। भारत समाचारबीसीसीआई ने आईपीएल 2026 के शेड्यूल में बड़ा बदलाव किया – यहां जानें नया क्या है'लोग बम का जवाब मतपत्र से देंगे': बंगाल में अमित शाह, टीएमसी के 'गुंडों' को 'जेल' की चेतावनी दी भारत समाचारतेल का झटका और युद्ध की आशंका: निवेशकों को अपना पैसा कहां लगाना चाहिए?अभ्यर्थी शतरंज: राउंड 12 में वैशाली कैसे चीनी दीवार से टकराई | शतरंज समाचारपश्चिम बंगाल चुनाव: चंद्र बोस टीएमसी में शामिल हुए, बीजेपी पर हमला | भारत समाचारआईपीएल 2026: रोहित शर्मा हुए रिटायर हर्ट; रितिका सजदेह की प्रतिक्रिया ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। क्रिकेट समाचार'लगातार संपर्क में': वेंस का कहना है कि ट्रम्प ने ईरान के साथ शांति वार्ता के दौरान 'दर्जन बार' फोन कियाआशा भोसले के निधन से बेहद दुखी पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी: 'उनके साथ हुई बातचीत को याद रखूंगा' | हिंदी मूवी समाचार

रायबरेली: सेवा पखवाड़ा में डॉक्टरों की मनमानी, मरीजों को लिखीं महंगी जांच और दवाएं

Published on: 19-09-2025
  • सेवा पखवाड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल, डॉक्टरों की मनमानी से मरीज परेशान
  • जन औषधि केंद्र पर मानक विपरीत महंगी जेनेरिक दवाएं, डॉक्टरों की मिलीभगत उजागर
  • महिला रोगियों को लिखे प्राइवेट अल्ट्रासाउंड और खून जांच, गरीब मरीजों पर बोझ

रायबरेली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक “सेवा पखवाड़ा” चलाया जा रहा है। इस दौरान महिला स्वास्थ्य एवं नारी सशक्तिकरण पर विशेष जोर देने का संकल्प है लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिख रही है। शुक्रवार को सीएचसी खीरों और आसपास के हेल्थ कैंप सेंटर पर डॉक्टरों की मनमानी साफ झलकी।

इलाज के लिए आने वाली महिला रोगियों को जहां बाहर की पैथोलॉजी से खून जांच और महंगे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए लिखा गया, वहीं जन औषधि केंद्र से भी मानक के विपरीत रखी गई प्राइवेट कंपनियों की महंगी जेनेरिक दवाएं खरीदने को मजबूर किया गया।

मरीजों की जेब पर भारी पड़ी जांच और दवाएं

अजीतपुर से इलाज कराने आई महिला को डॉक्टर ने बाहर से खून जांच कराने के लिए लिखा। सेनी की एक महिला को डॉ. राहुल घोष ने लीवर और आयरन टॉनिक लिख दिया, जिसके लिए उसे ढाई सौ रुपये खर्च करने पड़े। भीतरगांव की महिला रोगी को मल्टीविटामिन और लीवर सिरप लिखे गए जिनकी कीमत 270 रुपये रही।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जन औषधि केंद्र का उद्देश्य मरीजों को सस्ती दवा उपलब्ध कराना है लेकिन डॉक्टरों और दवा विक्रेताओं की मिलीभगत से यहां लगातार महंगी जेनेरिक दवाएं बेची जा रही हैं।

समय से नहीं पहुंचे डॉक्टर

सेवा पखवाड़ा में नियुक्त कई डॉक्टर ड्यूटी स्थल पर सुबह 8 बजे समय से नहीं पहुंचे और निर्धारित समय से पहले ही लौट गए।

डॉ. अर्चिता वर्मा खानपुर खुष्टी उपकेंद्र से दोपहर 1 बजे चली गईं।

डॉ. निधि गौतम टिकवामऊ उपकेंद्र से 1 बजे ही निकल गईं।

अधीक्षक डॉ. भावेश सिंह और डॉ. इति चौधरी ने भी राजकीय महिला चिकित्सालय पाहो में पूरे समय तक ड्यूटी नहीं दी।

डॉ. राहुल घोष पर सबसे गंभीर आरोप

मरीजों को बाहर से जांच लिखने और जन औषधि केंद्र से महंगी दवाएं दिलाने में सबसे ज्यादा नाम डॉ. राहुल घोष का सामने आ रहा है। मरीजों का कहना है कि वह नियमों को ताक पर रखकर काम करते हैं और खुलेआम कहते हैं – “ज्यादा से ज्यादा मेरा ट्रांसफर होगा।”

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं

स्थानीय लोगों ने बताया कि जन औषधि केंद्र में मानक के विपरीत रखी गई दवाओं को हटाने के लिए कई बार शिकायत की गई लेकिन सीएचसी अधीक्षक ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामले की शिकायत सीएमओ तक भी पहुंची है, बावजूद इसके व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।

यह खबर सीधे तौर पर दिखाती है कि सेवा पखवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण अभियान को स्थानीय स्तर पर किस तरह से मजाक बना दिया गया है।

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।