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लालगंज सीएचसी विवाद: चोटिल को नहीं लगाए टांके, अभद्रता के आरोप और जांच की मांग

Published on: 23-09-2025

रायबरेली। लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में इलाज को लेकर हुआ विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि रात में इलाज के लिए पहुंचे एक चोटिल व्यक्ति को डॉक्टर ने टांके नहीं लगाए। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने साफ शब्दों में कहा “इमरजेंसी में टांके नहीं लगते।”

चोटिल की पत्नी का आरोप है कि जब उसने निवेदन किया तो मौके पर मौजूद स्टाफ ने उनके साथ अभद्रता की। हैरानी की बात यह रही कि अगले ही दिन डॉक्टर ने खुद चोटिल व तीमारदारों के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को समाज भगवान का दर्जा देता है, इसलिए उनके साथ अभद्रता अस्वीकार्य है। लेकिन मरीजों के साथ लापरवाही या दुर्व्यवहार भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

फिलहाल पूरे जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की लापरवाही और मनमानी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आए दिन समाचार पत्र और सोशल मीडिया पर ऐसी शिकायतें प्रकाशित होती रहती हैं कि मरीजों को समय पर समुचित उपचार नहीं दिया जाता और जब वे विरोध करते हैं तो उल्टे उनके खिलाफ कार्यवाही कर दी जाती है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की विधिवत जांच कराई जाए और सीएचसी के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं। यदि घटना के समय कैमरे बंद पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
जनता की राय है कि चाहे गलती डॉक्टर या स्टाफ की हो या मरीज पक्ष की—दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

 

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