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JAMSHEDPUR : “आजीविका बढ़ाने को लेकर जिला स्तर पर बैठक”

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Published on: 02-08-2025

चार समितियों को प्रदान किया गया निबंधन प्रमाण पत्र

जमशेदपुर (झारखंड)। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आजीविका संवर्धन से संबंधित बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत समूहों द्वारा उत्पादित कृषि उत्पादों, पारंपरिक कलाओं तथा सांस्कृतिक धरोहरों से जुड़ी कलाकृतियों के सतत संवर्धन और बाज़ार उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर व्यापक विमर्श हुआ ।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि आजीविका संवर्धन से जुड़े किसी भी परियोजना को केवल प्रदर्शन या शोभा के लिए नहीं, बल्कि इससे संबंधित लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक और ठोस बदलाव लाने की दृष्टि से आगे बढ़ाया जाना है।

उन्होंने कहा कि जिले में मधु संग्रहण, बांस शिल्प (बंबू क्राफ्ट), मशरूम उत्पादन, काजू उत्पादन, डोकरा शिल्पकला, पाटकर चित्रकला, पारंपरिक वाद्य यंत्र निर्माण, मिट्टी शिल्पकला (पॉटरी) तथा जर्मन सिल्वर से जुड़ी वस्तुओं का निर्माण कर रहे अनेक छोटे-छोटे समूह कार्य कर रहे हैं, साथ ही कृषि उत्पाद से भी जुड़े विभिन्न समूह अपने स्तर पर कार्यरत हैं जिनकी आजीविका को स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में प्रशासनिक सहायता किया जा सकता है ।

उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे उत्पादों का चयन किया जाए जो अपनी गुणवत्ता और विशिष्टता के आधार पर खुले बाज़ार में टिक सकें, मार्केटिंग केवल सरकारी सहयोग पर निर्भर न रहे। उन्होंने कहा कि जिन समूहों के उत्पादों में संभावनाएं हैं, उनके साथ जिला प्रशासन हाथ मिलाकर उन्हें प्रशिक्षण, विपणन व्यवस्था, मानकीकरण और आवश्यकता अनुसार अन्य सहयोग प्रदान करेगा, ताकि वैसे समूह अपने पैरों पर खड़े हो सकें और दीर्घकालिक रूप से आर्थिक रूप से सक्षम बन सकें ।

उपायुक्त ने कहा कि उत्पादों का मानकीकरण (standardisation) सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे बाहरी बाजारों में भी खरीदारों का विश्वास जीत सकें। उन्होंने कहा कि समूहों की ताकत को समझते हुए उन्हें संगठित कर कार्य किया जाए और इस दिशा में जिला प्रशासन उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग देगा। बैठक में उपायुक्त ने उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आगामी 15 दिनों के बाद इस बैठक में हुई चर्चाओं से आगे की बात हो इस दिशा में कार्य शुरू कर दें ।

इस अवसर पर उपायुक्त द्वारा पारंपरिक कला-संस्कृति से जुड़ी चार समितियों को निबंधन प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया, जिनमें मारंग बुरू औद्योगिक सहयोग समिति लिमिटेड, पारूलिया(मुसाबनी), पैटकर पेंटिंग शिल्पकार औद्योगिक सहयोग समिति लिमिटेड, धालभूमगढ़, अंधारझोर वाद्ययंत्र शिल्पकार औद्योगिक सहयोग समिति लि. बोड़ाम, डोकरा शिल्पकार आद्योगिक सहयोग समिति लि. मुसाबनी को निबंधन प्रमाण पत्र सौंपा गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक, डीडीएम नाबार्ड, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मतस्य पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, विभिन्न सहकारी सहयोग समितियों के प्रतिनिधि व अन्य संबंधित उपस्थित थे।

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