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30वीं पुण्यतिथि पर जननायक रामनाथ पाठक को काव्यांजलि से कवियों ने किया याद

Published on: 17-06-2025

रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पसही में हुआ आयोजन

सोनभद्र। पूर्व विधायक लोकहित के लिए सदैव तत्पर रहे दिवंगत जननायक रामनाथ पाठक को रविवार को उनके तीसवें बरसी पर कवियों ने भव्य दिव्य कवि सम्मेलन कर पसहीं कला में देर शाम मार्कण्डेय राम पाठक के आयोजन व वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर की अध्यक्षता में व रामनाथ शिवेन्द्र मुख्य अतिथि के सानिध्य में काव्यांजलि से पूरे आयोजन को साहित्यमय बना दिया। वाणी वंदना करते हुए ईश्वर विरागी ने मां शारदे मां शारदे,,कवियों को कोकिल स्वर कर दे से आगाज हुआ। उनकी रचना देश में नव विहान लायें हम एकता के गीत गुनगुनायें हम काफी सराही गई। कवयित्री रचना तिवारी गीतकार ने, हवा हूँ इक हवा हूँ मैं, बुजुर्गों की दुआ हूँ मैं, महकना हो तो आ जाओ, मोहब्बत का पता हूँ मैं सुनाकर तालियां बटोरीं। प्रदुम्न कुमार त्रिपाठी एडवोकेट ने प्यार सदभाव का आचरण चाहिए, मन में सुचिता सरल व्याकरण चाहिए, हैं मनुज तो मनुजता निभाते चलें, विवेकानंद सा जागरण चाहिए सुनाकर वाहवाही लूटी। कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने, मुझको अबला मत समझो मैं झांसी वाली रानी हूँ। दिव्या राय ने, खुदा उस महल में बेटी न देना, जहाँ बेटियों की कदर ना रहे धर्मेश चौहान एडवोकेट ने हिंदोस्तान पर मेरा तन मन धन कुरबान, जयराम सोनी ने, प्रधानी चुनाव पर हास्य व्यंग्य की रचना, विवेक चतुर्वेदी ने शायरी सुनाकर वातावरण में जलवा बिखेरा। शायर अब्दुल हई की गजल, रो के बुलबुल ने कहा कैद से रिहा न करो, गुल हितों पर कभी सैयाद के पहले होंगे काफी सराही गई।

राकेश शरण मिश्र एडवोकेट, सुधाकर स्वदेश प्रेम, दयानंद दयालू ने भी काव्यांजलि से महफ़िल को रौनक किया। ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल ने, छाती तान डटा सरहद पर होने को बलिदान, सुनाकर वातावरण देशभक्ति का सृजित किया सराहे गये। विशिष्ट अतिथि रामनाथ शिवेन्द्र ने हमें रोटियां ही दीजिये बहुत भूख लगी है, दे रहे हैं गीता कुरान किसलिए सुनाकर सदभावना समरसता का संदेश दिया। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्य कार चिंतक निदेशक मधुरिमा साहित्य गोष्ठी अजय शेखर ने रामनाथ पाठक के कृतित्व व्यक्तित्व कार्य व्यवहार की विशद चर्चा करते हुए अपनी रचना, मानव कल्याण हित विषपान करते हैं, हम अस्थि से भी वज्र का निर्माण करते हैं सुनाकर महफ़िल को पूर्णता प्रदान किये। आभार कौशलेश पाठक धन्यवाद भाषण मार्कण्डेय राम पाठक ने व्यक्त किया। इस अवसर पर देर रात तक श्रोता जमे रहे, जिनमें विजयशंकर चतुर्वेदी, पूर्व विधायक तीरथराज, भोलानाथ मिश्र, फरीद अहमद, मृदुल मिश्रा, कन्हैया पाण्डेय राघवेंद्र तिवारी आदि रहे।

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