Breaking News
‘सॉरी पापा, गलती से हो गया’: शूटिंग, पिता के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद लखनऊ की किशोरी की माफी। लखनऊ समाचारयूएई ने तत्काल 4 स्वास्थ्य उत्पादों को वापस बुलाया: प्रत्येक उपभोक्ता को क्या पता होना चाहिए‘यह कैसा मजाक है?’ संजय सिंह ने पासपोर्ट जब्ती के बाद वैश्विक ‘फ्रेंडशिप ग्रुप’ चयन पर सरकार की आलोचना की। भारत समाचारलखनऊ मर्डर: ‘गलती से हो गया’: बेटे का बेतुका जवाब कि उसने पिता को गोली क्यों मारी, शरीर के टुकड़े किए – देखें | भारत समाचारआज सोने की कीमत: अपने शहर में 18K, 22K, 24K सोने की दरें जांचें; दिल्ली, बैंगलोर और भी बहुत कुछ‘किसी को SC को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे’: CJI ने न्यायिक भ्रष्टाचार पर पाठ को लेकर NCERT की खिंचाई की भारत समाचार‘चाय वैकल्पिक नहीं है’: भारत में रहने वाले एक जाम्बिया के इंजीनियरिंग छात्र ने क्या सिखाया |ओक्लाहोमा सिटी थंडर बनाम टोरंटो रैप्टर्स चोट रिपोर्ट: कौन खेल रहा है, घायल और संदिग्ध खिलाड़ी, आमने-सामने के रिकॉर्ड, टीम आँकड़े, और बहुत कुछ (24 फरवरी, 2026) | एनबीए समाचार‘हम 2002 हैं’: विधानसभा में विपक्ष पर हारते हुए नीतीश कुमार की बड़ी चूक – देखें | भारत समाचारCorruption, case backlog, judge shortage: NCERT class 8 book outlines judiciary’s key challenges. India News

30वीं पुण्यतिथि पर जननायक रामनाथ पाठक को काव्यांजलि से कवियों ने किया याद

Published on: 17-06-2025

रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पसही में हुआ आयोजन

सोनभद्र। पूर्व विधायक लोकहित के लिए सदैव तत्पर रहे दिवंगत जननायक रामनाथ पाठक को रविवार को उनके तीसवें बरसी पर कवियों ने भव्य दिव्य कवि सम्मेलन कर पसहीं कला में देर शाम मार्कण्डेय राम पाठक के आयोजन व वरिष्ठ साहित्यकार अजय शेखर की अध्यक्षता में व रामनाथ शिवेन्द्र मुख्य अतिथि के सानिध्य में काव्यांजलि से पूरे आयोजन को साहित्यमय बना दिया। वाणी वंदना करते हुए ईश्वर विरागी ने मां शारदे मां शारदे,,कवियों को कोकिल स्वर कर दे से आगाज हुआ। उनकी रचना देश में नव विहान लायें हम एकता के गीत गुनगुनायें हम काफी सराही गई। कवयित्री रचना तिवारी गीतकार ने, हवा हूँ इक हवा हूँ मैं, बुजुर्गों की दुआ हूँ मैं, महकना हो तो आ जाओ, मोहब्बत का पता हूँ मैं सुनाकर तालियां बटोरीं। प्रदुम्न कुमार त्रिपाठी एडवोकेट ने प्यार सदभाव का आचरण चाहिए, मन में सुचिता सरल व्याकरण चाहिए, हैं मनुज तो मनुजता निभाते चलें, विवेकानंद सा जागरण चाहिए सुनाकर वाहवाही लूटी। कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने, मुझको अबला मत समझो मैं झांसी वाली रानी हूँ। दिव्या राय ने, खुदा उस महल में बेटी न देना, जहाँ बेटियों की कदर ना रहे धर्मेश चौहान एडवोकेट ने हिंदोस्तान पर मेरा तन मन धन कुरबान, जयराम सोनी ने, प्रधानी चुनाव पर हास्य व्यंग्य की रचना, विवेक चतुर्वेदी ने शायरी सुनाकर वातावरण में जलवा बिखेरा। शायर अब्दुल हई की गजल, रो के बुलबुल ने कहा कैद से रिहा न करो, गुल हितों पर कभी सैयाद के पहले होंगे काफी सराही गई।

राकेश शरण मिश्र एडवोकेट, सुधाकर स्वदेश प्रेम, दयानंद दयालू ने भी काव्यांजलि से महफ़िल को रौनक किया। ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल ने, छाती तान डटा सरहद पर होने को बलिदान, सुनाकर वातावरण देशभक्ति का सृजित किया सराहे गये। विशिष्ट अतिथि रामनाथ शिवेन्द्र ने हमें रोटियां ही दीजिये बहुत भूख लगी है, दे रहे हैं गीता कुरान किसलिए सुनाकर सदभावना समरसता का संदेश दिया। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्य कार चिंतक निदेशक मधुरिमा साहित्य गोष्ठी अजय शेखर ने रामनाथ पाठक के कृतित्व व्यक्तित्व कार्य व्यवहार की विशद चर्चा करते हुए अपनी रचना, मानव कल्याण हित विषपान करते हैं, हम अस्थि से भी वज्र का निर्माण करते हैं सुनाकर महफ़िल को पूर्णता प्रदान किये। आभार कौशलेश पाठक धन्यवाद भाषण मार्कण्डेय राम पाठक ने व्यक्त किया। इस अवसर पर देर रात तक श्रोता जमे रहे, जिनमें विजयशंकर चतुर्वेदी, पूर्व विधायक तीरथराज, भोलानाथ मिश्र, फरीद अहमद, मृदुल मिश्रा, कन्हैया पाण्डेय राघवेंद्र तिवारी आदि रहे।

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।