Breaking News
अगर बच्चे प्रेम विवाह का विकल्प चुनते हैं तो परिवार उनका बहिष्कार करें: एमपी ग्राम पंचायत। इंदौर समाचारखोसला ने एलोन के घोसला पर छापा मारा: तकनीकी कर्मचारियों से मस्क की टेस्ला और स्पेसएक्स छोड़ने का आह्वान किया‘वैश्विक माहौल में उथल-पुथल’: भारत-यूरोपीय संघ ‘ऐतिहासिक’ एफटीए के बाद पीएम मोदी की ‘डबल इंजन’ पिचनासा ने डार्क मैटर: ब्रह्मांड के छिपे ढांचे के बारे में नई जानकारी साझा की है।अमेरिका में शीतकालीन तूफ़ान का कहर: कम से कम 30 मरे, पांच लाख से अधिक बिजली के बिना – वह सब जो आपको जानना आवश्यक हैअमेरिका में बर्फ़ीला तूफ़ान: विभिन्न क्षेत्रों में सर्दी के मौसम के भीषण प्रकोप से कम से कम 25 लोगों की मौत; 750,000 बिजली के बिना रह गएकनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मार्च में भारत आने की संभावना: एजेंडे में यूरेनियम, व्यापार समझौता; चीन की धुरी के कुछ दिनों बाद आता है‘जो भी उनके खिलाफ आएगा वह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा’: टी20 विश्व कप से पहले भारत के अपराजेय दिखने पर इरफान पठान ने दुनिया को दी चेतावनी | क्रिकेट समाचारज़मीन में निवेश करने से पहले जानने योग्य 8 महत्वपूर्ण बातेंलाल झंडों के बावजूद, कर्नाटक ने बेंगलुरु में 22 दलित और ओबीसी मठों को 255 करोड़ रुपये की जमीन दी। बेंगलुरु समाचार

जनहित नहीं, राजनीतिक स्वार्थ का बजट : राकेश साहू

Follow

Published on: 01-02-2025

 

जमशेदपुर (झारखंड)। झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव राकेश साहू ने केंद्रीय बजट 2025-26 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि बजट में जनहित की अनदेखी की गई है, नौकरियों के अवसर नहीं हैं, मध्यम वर्ग शोषण का शिकार है और महंगाई चरम पर है।

उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोग मुफ्त भोजन पर निर्भर हैं, लेकिन सरकार केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है।

जीएसटी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा जारी है, और किसान अब भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अमीरों के कर्ज माफ किए जाते हैं, लेकिन किसानों को राहत नहीं मिलती।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब सरकार ने 12 लाख रूपये तक टैक्स छूट का नया जुमला उछाल दिया है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि वेतनभोगियों और मजदूर वर्ग को कुछ राहत मिली है, लेकिन निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।

कुल मिलाकर, बजट विकास और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव समय के साथ ही स्पष्ट होगा।

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।