Breaking News
‘वैश्विक माहौल में उथल-पुथल’: भारत-यूरोपीय संघ ‘ऐतिहासिक’ एफटीए के बाद पीएम मोदी की ‘डबल इंजन’ पिचनासा ने डार्क मैटर: ब्रह्मांड के छिपे ढांचे के बारे में नई जानकारी साझा की है।अमेरिका में शीतकालीन तूफ़ान का कहर: कम से कम 30 मरे, पांच लाख से अधिक बिजली के बिना – वह सब जो आपको जानना आवश्यक हैअमेरिका में बर्फ़ीला तूफ़ान: विभिन्न क्षेत्रों में सर्दी के मौसम के भीषण प्रकोप से कम से कम 25 लोगों की मौत; 750,000 बिजली के बिना रह गएकनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मार्च में भारत आने की संभावना: एजेंडे में यूरेनियम, व्यापार समझौता; चीन की धुरी के कुछ दिनों बाद आता है‘जो भी उनके खिलाफ आएगा वह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा’: टी20 विश्व कप से पहले भारत के अपराजेय दिखने पर इरफान पठान ने दुनिया को दी चेतावनी | क्रिकेट समाचारज़मीन में निवेश करने से पहले जानने योग्य 8 महत्वपूर्ण बातेंलाल झंडों के बावजूद, कर्नाटक ने बेंगलुरु में 22 दलित और ओबीसी मठों को 255 करोड़ रुपये की जमीन दी। बेंगलुरु समाचारचीन के शीर्ष जनरल पर आधिकारिक पदोन्नति के बदले अमेरिका को परमाणु रहस्य लीक करने का आरोप: रिपोर्टअभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज अर्धशतक लगाकर इतिहास रचा, एलीट क्लब में शामिल हुए | क्रिकेट समाचार

संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर

Published on: 26-11-2024

रायबरेली। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश रायबरेली राज कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में महात्मा गांधी इण्टर कालेज, रायबरेली में संविधान दिवस के अवसर पर विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ अनुपम शौर्य अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली के द्वारा बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षक रामबाबू द्वारा उपस्थित छात्र- छात्राओं संविधान दिवस के अवसर पर संविधान विषयक जानकारी प्रदान की गयी और बताया गया कि भारतीय संविधान के निर्माण में 2 साल 11 माह 18 दिन का समय लगा।

उक्त अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, के पराविधिक स्वयं सेवक पवन कुमार श्रीवास्तव द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को मौलिक अधिकार के साथ-साथ मौलिक कर्तव्य के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी। इस कार्यक्रम में प्रधानाचार्य ले0 दिनेश कुमार द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डाला गया एवं बताया गया कि कई विचार-विमर्श और संशोधनों के बाद, अंतिम रूप से 26 नंवबर 1949 को संविधान सभा ने पारित किया।

कार्यक्रम के अंत में मा0 अनुपम शौर्य, अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा बताया गया कि पहले 26 नंवबर को विधि दिवस के रूप में मनाया जाता था। वर्ष 2015 से संविधान दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है। भारत का संविधान बनाने में बाबा साहेब को सभी धर्म, समाज व समुदाय को साथ लेकर चलने की चुनौती थी, जिस कारण बाबा साहेब को गठित समिति से कई बार विचार-विमर्श व संशोधनों के बाद संविधान सभा द्वारा पारित हुआ।

भारतीय संविधान को तैयार करने वाली प्रारूप समिति की स्थापना 29 अगस्त 1947 को हुई थी, जिसमें सदस्य के रूप में डॉ0 भीमराव अंबेडकर, अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर, एन0 गोपालस्वामी, के0एम0 मुंशी, मोहम्मद सादुल्ला, बी0एल0 मित्तर व डी0पी0 खेतान रहे। संविधान पारित करने में बाबा साहेब का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिस कारण बाबा साहेब को भारत के संविधान का जनक भी कहा जाता है।

उक्त कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य अतुल द्विवेदी, अध्यापक शत्रोहन सिंह परिहार व पराविधिक स्वयं सेवक पूनम सिंह, मनोज कुमार प्रजापति एवं विद्यालय के अध्यापकगण व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक डॉ0 प्रदीप कुमार त्रिपाठी के द्वारा किया गया। इसके अतिरिक्त लीगल एड क्लीनिक कुण्डौली के द्वारा आश्रम पद्धति आवासीय शेषपुर समोधा, तहसील लालगंज व तहसील ऊँचाहार में भी संविधान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।