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अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर 7 महीने से मौजूद सुनीता विलियम्स ने किया अपना आठवां ‘स्पेसवॉक’।

Published on: 17-01-2025

अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर फंसी नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने गुरुवार को स्पेसवॉक की। वह दूसरे अंतरिक्ष यात्री निक हेग के साथ बाहर निकलीं और मरम्मत से जुड़े कुछ जरूरी काम किए। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता सात महीने से अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई हैं और वह मार्च के अंत या अप्रैल महीने की शुरुआत में धरती पर लौट सकती हैं। जून 2024 में अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर पहुंचने के बाद यह सुनीता की पहली स्पेसवॉक थी।

 

स्टेशन कमांडर सुनीता विलियम्स पिछले साल जून के महीने में बुच विल्मोर के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंची थीं। इन दोनों को एक सप्ताह के बाद वापस लौटना था। दोनों बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल के टेस्ट के लिए गए थे, लेकिन इसमें खराबी आने के बाद दोनों अंतरिक्ष यात्री स्पेस स्टेशन पर ही रुक गए और काली कैप्सूल वापस लाया गया। इसके बाद से दोनों वहीं फंसे हुए हैं।

अप्रैल तक लौटेंगे घर

सुनीता और विल्मोर को वापस लाने के लिए जो कैप्सूल भेजा जाना था, उसमें भी देरी की गई। इस वजह से दोनों इस साल मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में ही घर लौट पाएंगे। इसका मतलब है कि दोनों अंतरिक्ष यात्रियों लगभग 10 महीने तक स्पेस स्टेशन में रहेंगे। इन दोनों को वापस लाने के लिए ‘ड्रैगन’ नाम का कैप्सूल भेजा गया है। इसे पिछले साल सितंबर में भेजा गया था। इस कैप्सूल के साथ नासा के निक हेग और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के एलेक्जेंडर गोर्बूनोव को भी भेजा गया है। ये दोनों भी अभी स्पेस स्टेशन में हैं। ड्रैगन में चार अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जगह है और यह चारों यात्रियों को लेकर मार्च या अप्रैल में वापस आ सकता है।

सुनीता की आठवीं स्पेसवॉक

नासा ने पिछले साल गर्मियों में अंतरिक्ष यात्रियों की स्पेसवॉक रोक दी थी। इस घटना के बाद पहली बार किसी यात्री ने स्पेसवॉक की है। अंतरिक्ष यात्री के सूट के कूलिंग लूप से एयरलॉक में पानी लीक होने के बाद स्पेसवॉक रोक दी गई थी। नासा ने कहा कि समस्या को ठीक कर दिया गया है। विलियम्स के लिए यह आठवीं स्पेसवॉक थी। वह इससे पहले भी अंतरिक्ष स्टेशन पर रह चुकी हैं और सात स्पेसवॉक कर चुकी हैं।

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