Breaking News
‘दुर्घटनाओं को निमंत्रण’: मुंबई के पास 4-लेन पुल अचानक घटकर 2 रह गया; एमएमआरडीए ने डिजाइन में खामी से इनकार किया | मुंबई समाचारअगर बच्चे प्रेम विवाह का विकल्प चुनते हैं तो परिवार उनका बहिष्कार करें: एमपी ग्राम पंचायत। इंदौर समाचारखोसला ने एलोन के घोसला पर छापा मारा: तकनीकी कर्मचारियों से मस्क की टेस्ला और स्पेसएक्स छोड़ने का आह्वान किया‘वैश्विक माहौल में उथल-पुथल’: भारत-यूरोपीय संघ ‘ऐतिहासिक’ एफटीए के बाद पीएम मोदी की ‘डबल इंजन’ पिचनासा ने डार्क मैटर: ब्रह्मांड के छिपे ढांचे के बारे में नई जानकारी साझा की है।अमेरिका में शीतकालीन तूफ़ान का कहर: कम से कम 30 मरे, पांच लाख से अधिक बिजली के बिना – वह सब जो आपको जानना आवश्यक हैअमेरिका में बर्फ़ीला तूफ़ान: विभिन्न क्षेत्रों में सर्दी के मौसम के भीषण प्रकोप से कम से कम 25 लोगों की मौत; 750,000 बिजली के बिना रह गएकनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मार्च में भारत आने की संभावना: एजेंडे में यूरेनियम, व्यापार समझौता; चीन की धुरी के कुछ दिनों बाद आता है‘जो भी उनके खिलाफ आएगा वह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा’: टी20 विश्व कप से पहले भारत के अपराजेय दिखने पर इरफान पठान ने दुनिया को दी चेतावनी | क्रिकेट समाचारज़मीन में निवेश करने से पहले जानने योग्य 8 महत्वपूर्ण बातें

जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक

Follow

Published on: 15-01-2025

 

जमशेदपुर (झारखंड)। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आहूत की गई। परियोजना निदेशक आईटीडीए श्री दीपांकर चौधरी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री अनिकेत सचान, जिला मत्स्य पदाधिकारी श्रीमती अल्का पन्ना, जिला कृषि पदाधिकारी श्री विवेक बिरूआ व अन्य संबंधित उपस्थित रहे।

बैठक में उक्त योजना अंतर्गत बायोफ्लॉक की स्थापना एवं लघु फिश फिड मील हेतु प्राप्त कुल 7 आवेदनों पर जांचोपरांत समिति ने दो लाभुकों के चयन का अनुमोदन किया।

बायोफ्लॉक की स्थापना हेतु प्राप्त दो आवेदनों में चाकुलिया प्रखंड की दीप्ति पैड़ा का चयन किया गया वहीं लघु फिश फिड मील हेतु प्राप्त सात आवेदनों में गुड़ाबांदा प्रखंड की सुजाता पाल के चयन का निर्णय समिति ने सर्वसम्मति से लिया।

पारंपरिक मछली पालन से अलग बायोफ्लॉक तकनीक की विशेषता यह है कि इसमें मछली पालन के लिए किसान को तालाब नहीं बल्कि तकनीक के तहत मछलियों को टैंक में पाला जाता है।

इसके लिए अपने खेत, प्लॉट या घर के आसपास तारपोलिन टैंक में फ्लॉक की मदद से मछली पालन करते हैं। जिन किसानों के पास जगह कम है वे बायोफ्लॉक विधि से मछलीपालन करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। सामान्य कोटि को 40 प्रतिशत अनुदान एवं अजा, अजजा, महिला हेतु 60 प्रतिशत अनुदान पर योजना का लाभ दिया जा रहा है।

वहीं लघु फिश फिड मील, जिसकी लागत 30 लाख रू. है। इस लागत में मिनी फिड मिल का स्थापना कर 2 टन प्रतिदिन फिश फिड उत्पादन किया जा सकता है। सामान्य कोटि के लिए 40 प्रतिशत अनुदान एवं अजा, अजजा, महिला हेतु 60 प्रतिशत अनुदान पर योजना का लाभ दिया जा रहा है।

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।