Breaking News
‘वैश्विक माहौल में उथल-पुथल’: भारत-यूरोपीय संघ ‘ऐतिहासिक’ एफटीए के बाद पीएम मोदी की ‘डबल इंजन’ पिचनासा ने डार्क मैटर: ब्रह्मांड के छिपे ढांचे के बारे में नई जानकारी साझा की है।अमेरिका में शीतकालीन तूफ़ान का कहर: कम से कम 30 मरे, पांच लाख से अधिक बिजली के बिना – वह सब जो आपको जानना आवश्यक हैअमेरिका में बर्फ़ीला तूफ़ान: विभिन्न क्षेत्रों में सर्दी के मौसम के भीषण प्रकोप से कम से कम 25 लोगों की मौत; 750,000 बिजली के बिना रह गएकनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के मार्च में भारत आने की संभावना: एजेंडे में यूरेनियम, व्यापार समझौता; चीन की धुरी के कुछ दिनों बाद आता है‘जो भी उनके खिलाफ आएगा वह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा’: टी20 विश्व कप से पहले भारत के अपराजेय दिखने पर इरफान पठान ने दुनिया को दी चेतावनी | क्रिकेट समाचारज़मीन में निवेश करने से पहले जानने योग्य 8 महत्वपूर्ण बातेंलाल झंडों के बावजूद, कर्नाटक ने बेंगलुरु में 22 दलित और ओबीसी मठों को 255 करोड़ रुपये की जमीन दी। बेंगलुरु समाचारचीन के शीर्ष जनरल पर आधिकारिक पदोन्नति के बदले अमेरिका को परमाणु रहस्य लीक करने का आरोप: रिपोर्टअभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे तेज अर्धशतक लगाकर इतिहास रचा, एलीट क्लब में शामिल हुए | क्रिकेट समाचार

तीन जनवरी तक बच्चों को विटामिन ए की पिलाई जायेगी दवा

Published on: 03-12-2024

रायबरेली। विटामिन ए सम्पूर्ण कार्यक्रम के तहत नौ माह से पांच साल तक की आयु के बच्चों को चार दिसम्बर से तीन जनवरी 2025 तक विटामिन ए की दवा पिलाई जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. नवीन चंद्रा ने बताया कि विटामिन ए की दवा बच्चों में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। इसके साथ ही वह उन्हें कुपोषण, रतौंधी , अंधापन, डायरिया और निमोनिया से भी बचाती है। जनपद के नौ माह से पांच साल तक के कुल 3,25 लाख बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाने का लक्ष्य है जिसमें नौ से 12 माह के 37,056, एक से दो साल के 70,114 और दो से पांच साल तक के कुल 2,17,411 बच्चे हैं।

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस.अस्थाना ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला महिला अस्पताल स्थित पोस्टपार्टम केयर सेंटर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी व तथा ब्लाक में सीएचसी व टीकाकरण सत्र स्थलों पर गणमान्य व्यक्ति द्वारा किया जायेगा। यह कार्यक्रम साल में दो बार जून और दिसम्बर में चलाया जाता है। विटामिन ए की कमी से रतौंधी, आँखों के पानी और अधिक गंभीर स्थिति में आँखों की रौशनी भी चली जाती है। इसकी कमी कुपोषण की एक स्थिति है। विटामिन ए की कमी से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे कि डायरिया, निमोनिया और अन्य गंभीर बिमारियों से संक्रमण की सम्भावना बढ़ जाती है।

छह माह तक के बच्चों को केवल स्तनपान और नियमति टीकाकरण करना चाहिए। बच्चे को विटामिन ए की पहली खुराक खसरे के टीके के साथ देनी चाहिये। इसके बाद पांच साल तक हर छह-छह माह में विटामिन ए की दवा निकटतम स्वास्थ्य इकाई पर जाकर पिलाना चाहिए।

विटामिन ए पीले, नारंगी और हरी सब्ज़ियों और फलों में पाया जाता है। इसलिए स्वयं भी इसका सेवन करें और बच्चों को कराना सुनिश्चित करें।

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।