Breaking News
यूएई ने तत्काल 4 स्वास्थ्य उत्पादों को वापस बुलाया: प्रत्येक उपभोक्ता को क्या पता होना चाहिए‘यह कैसा मजाक है?’ संजय सिंह ने पासपोर्ट जब्ती के बाद वैश्विक ‘फ्रेंडशिप ग्रुप’ चयन पर सरकार की आलोचना की। भारत समाचारलखनऊ मर्डर: ‘गलती से हो गया’: बेटे का बेतुका जवाब कि उसने पिता को गोली क्यों मारी, शरीर के टुकड़े किए – देखें | भारत समाचारआज सोने की कीमत: अपने शहर में 18K, 22K, 24K सोने की दरें जांचें; दिल्ली, बैंगलोर और भी बहुत कुछ‘किसी को SC को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे’: CJI ने न्यायिक भ्रष्टाचार पर पाठ को लेकर NCERT की खिंचाई की भारत समाचार‘चाय वैकल्पिक नहीं है’: भारत में रहने वाले एक जाम्बिया के इंजीनियरिंग छात्र ने क्या सिखाया |ओक्लाहोमा सिटी थंडर बनाम टोरंटो रैप्टर्स चोट रिपोर्ट: कौन खेल रहा है, घायल और संदिग्ध खिलाड़ी, आमने-सामने के रिकॉर्ड, टीम आँकड़े, और बहुत कुछ (24 फरवरी, 2026) | एनबीए समाचार‘हम 2002 हैं’: विधानसभा में विपक्ष पर हारते हुए नीतीश कुमार की बड़ी चूक – देखें | भारत समाचारCorruption, case backlog, judge shortage: NCERT class 8 book outlines judiciary’s key challenges. India Newsस्पाइसजेट फ्लाइट का इंजन फेल: स्पाइसजेट बोइंग 737, 150 यात्रियों के साथ, उड़ान भरने के तुरंत बाद ‘इंजन फेल’ होने के बाद दिल्ली हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग करता है। दिल्ली समाचार

तेहरान पर मंडरा रहा जल संकट: दो हफ्तों में सूख सकता है राजधानी का मुख्य पानी स्रोत, ईरान में मचा हड़कंप

Follow

Published on: 04-11-2025

ईरान की राजधानी तेहरान को पानी देने वाला अमीर कबीर बांध सिर्फ दो हफ्तों में सूख सकता है। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार बांध में अब मात्र 14 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी बचा है, जबकि पिछले साल यह 86 मिलियन था। ईरान दशकों के सबसे बड़े सूखे और जल संकट से जूझ रहा है।

तेहरान, ईरान।
ईरान की राजधानी तेहरान इस समय अपने सबसे गंभीर जल संकट से जूझ रही है। सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, शहर के पीने के पानी का मुख्य स्रोत — अमीर कबीर बांध — अगले दो हफ्तों में पूरी तरह सूख सकता है।

तेहरान को पानी मुहैया करवाने वाली सरकारी कंपनी के डायरेक्टर बेहज़ाद पारसा ने बताया कि अमीर कबीर बांध में इस समय सिर्फ 14 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी बचा है।
एक साल पहले, इसी बांध में 86 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी था — यानी 80% से ज़्यादा पानी की कमी दर्ज की गई है।

पारसा ने चेतावनी दी कि मौजूदा पानी का भंडार सिर्फ़ दो हफ्तों तक ही राजधानी की ज़रूरतों को पूरा कर सकेगा। इसके बाद तेहरान में गंभीर जल संकट की स्थिति बन सकती है।

तेहरान और इसके आसपास के इलाक़ों में लंबे समय से सूखा जारी है। अक्टूबर में एक स्थानीय अधिकारी ने बताया था कि इस साल बारिश का स्तर लगभग एक सदी में सबसे कम रहा है। इससे ईरान में खेती, उद्योग और रोजमर्रा के जीवन पर भारी असर पड़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का यह संकट सिर्फ़ प्राकृतिक नहीं, बल्कि जल प्रबंधन की नीतियों और जलवायु परिवर्तन का संयुक्त परिणाम है।
कई पर्यावरण समूहों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत उपाय नहीं किए गए, तो तेहरान समेत कई शहरों में पानी का भारी अभाव हो सकता है।तेहरान में पानी की कमी सिर्फ़ एक पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि यह मानवाधिकारों से जुड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
पानी तक समान पहुंच हर नागरिक का मूल अधिकार है — और यदि राजधानी जैसे शहर में भी यह संकट गहराता गया, तो गरीब तबका सबसे पहले और सबसे ज़्यादा प्रभावित होगा।


  • बांध का नाम: अमीर कबीर
  • बचा पानी: 14 मिलियन क्यूबिक मीटर
  • पिछले साल था: 86 मिलियन क्यूबिक मीटर
  • खतरा: सिर्फ़ 2 हफ्तों की आपूर्ति शेष
  • मुख्य कारण: सूखा, जलवायु परिवर्तन, कम वर्षा

#IranWaterCrisis #TehranDrought #AmeerKabirDam #ClimateChange #HumanRights #WaterScarcity #IranNews #TehranCrisis #ManavAdhikarMedia #GlobalAlert

Lokayat Darpan एक स्वतंत्र और निष्पक्ष समाचार मंच है, जहाँ हर ख़बर को सत्य, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ प्रस्तुत किया जाता है। हमारा उद्देश्य है देश-दुनिया के महत्वपूर्ण मुद्दों को बेबाकी से सामने लाना और जनता की आवाज़ को सशक्त बनाना। हम राजनीति, सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन और स्थानीय मुद्दों पर विश्वसनीय व ताज़ा अपडेट प्रदान करते हैं।
Lokayat Darpan का मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ खबरें दिखाना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की रोशनी फैलाना है। इसलिए हम हर खबर को बिना पक्षपात, तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रकाशित करते हैं।