ईवाई का अनुमान, अगले वर्ष 7 प्रतिशत तक बढ़ेगी जीडीपी

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मध्यम अवधि के अनुमान सकारात्मक दिखाई दे रहे हैं। ईवाई की इकोनॉमी वॉच रिपोर्ट के अनुसार अगले वित्त वर्ष में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के कारण मध्यम अवधि की संभावनाएँ उज्ज्वल हुई हैं। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए देश को अपने कर-जीडीपी अनुपात में वृद्धि करनी होगी, जो मुख्य रूप से कर अनुपालन में सुधार के जरिए ही संभव है। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने व्यक्तिगत आयकर और वस्तु एवं सेवा कर से जुड़े प्रमुख सुधार लागू किए हैं। इन सुधारों का मुख्य लक्ष्य परिवारों की खर्च योग्य आय बढ़ाना था, ताकि निजी उपभोग को बल मिले। विशेषज्ञों का मानना है कि कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने से अनुपालन बढ़ता है और सरकार की राजस्व क्षमता मजबूत होती है। इससे बुनियादी ढाँचे, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि वैश्विक चुनौतियाँ बनी हुई हैं, लेकिन घरेलू माँग और सुधारों की गति भारत के पक्ष में मानी जा रही है।



